MP में AI की पढ़ाई को मिलेगी नई उड़ान, DAVV में खुलेगा प्रदेश का पहला AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
जनवरी 2027 तक शुरू होगा सेंटर, 1 करोड़ रुपए से अत्याधुनिक लैब तैयार होगी; हर साल करीब 500 छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण
मध्य प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की पढ़ाई को नई दिशा देने की तैयारी है। इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय यानी DAVV में प्रदेश का पहला Centre of Excellence for Artificial Intelligence और Machine Learning शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय के तक्शशिला कैंपस में तैयार हो रहे इस सेंटर को जनवरी 2027 तक शुरू करने की योजना है। निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है और दिसंबर 2026 के अंत तक सेंटर के तैयार होने की उम्मीद है।
इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य AI और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में छात्रों को आधुनिक शिक्षा, रिसर्च और इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल्स उपलब्ध कराना है। यहां अत्याधुनिक लैब तैयार की जा रही है, जिसमें AI और मशीन लर्निंग से जुड़े आधुनिक हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और रिसर्च टूल्स उपलब्ध होंगे। विश्वविद्यालय ने शुरुआती तौर पर रिसर्च उपकरणों के लिए करीब 1 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। जरूरत के अनुसार भविष्य में इस बजट को बढ़ाया भी जा सकता है।
सेंटर में AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस से जुड़े सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। छात्रों को केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। सेंटर में रोजाना तीन शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने की योजना है और प्रत्येक बैच में अधिकतम 50 छात्र शामिल किए जा सकेंगे। इस व्यवस्था के जरिए हर साल करीब 500 छात्रों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
छात्रों को विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर भी मिलेगा। विश्वविद्यालय देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों को प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित करेगा। ये विशेषज्ञ सात से 15 दिनों तक के अलग-अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल संचालित करेंगे। इसके अलावा DAVV की योजना राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ MoU करने की भी है। IIT और IIIT जैसे प्रमुख संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों को छात्रों के मेंटर के तौर पर जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
DAVV के कुलपति राकेश सिंघई के अनुसार, सेंटर को सामान्य विश्वविद्यालय विभाग की तरह नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के प्रोफेशनल संस्थान की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसका फोकस ऐसे छात्रों को एडवांस रिसर्च सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा, जिनकी AI और मशीन लर्निंग में विशेष रुचि है। इससे विश्वविद्यालय में AI आधारित रिसर्च और नए प्रोजेक्ट्स को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस सेंटर की लैब का इस्तेमाल सिर्फ निर्धारित कोर्स करने वाले छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय के अलग-अलग शिक्षण विभागों में AI से जुड़े रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करने वाले चयनित छात्रों को भी लैब की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खास तौर पर School of Computer Science, Institute of Engineering and Technology यानी IET, School of Energy और अन्य विभागों के AI आधारित रिसर्च प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
लैब में शैक्षणिक और रिसर्च गतिविधियों की निगरानी DAVV के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य करेंगे। सेंटर की लैब शाम 6 बजे तक छात्रों के लिए उपलब्ध रहेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को क्लासरूम के साथ-साथ प्रैक्टिकल और रिसर्च आधारित सीखने का माहौल देना है।
AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल आज शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स और कई दूसरे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय स्तर पर इन तकनीकों की एडवांस ट्रेनिंग और रिसर्च के लिए विशेष सेंटर की स्थापना छात्रों के लिए रोजगार और रिसर्च के नए अवसर तैयार कर सकती है।
DAVV में बनने वाला यह सेंटर मध्य प्रदेश में AI आधारित शिक्षा और कौशल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यहां छात्रों को देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण मिलने के साथ आधुनिक लैब में काम करने का मौका मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक अपनी तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल सेंटर के निर्माण का काम जारी है और इसे दिसंबर 2026 के अंत तक तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद जनवरी 2027 में इसे शुरू करने की योजना है। अगर तय समय के अनुसार काम पूरा होता है, तो DAVV में प्रदेश के पहले AI और मशीन लर्निंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत हो जाएगी। इससे इंदौर मध्य प्रदेश में AI शिक्षा, रिसर्च और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल डेवलपमेंट के एक नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।
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