MP NEWS: 17 कृषि उपज मंडियों से मांगा स्पष्टीकरण, सचिव बोले- चुनाव की वजह से घटी आवक

MP NEWS: 17 कृषि उपज मंडियों से मांगा स्पष्टीकरण, सचिव बोले- चुनाव की वजह से घटी आवक

MP NEWS: 17 कृषि उपज मंडियों से मांगा स्पष्टीकरण, सचिव बोले- चुनाव की वजह से घटी आवक

भोपाल : प्रदेश की 17 कृषि उपज मंडियों में कम आवक की वजह से राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी सचिवों से असंतुष्टि जताई है। मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक ने बताया कि इस मुद्दे पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा मंडी शुल्क में की जाने वाली कटौती को भी एक वजह बताई है, जिसके चलते मंडियों को मिलने वाला शुल्क कम हो रहा है। राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने 6 अक्टूबर 2023 को मंडी शुल्क में आधा प्रतिशत की कटौती करते हुए एक प्रतिशत मंडी शुल्क लागू किया था।"

समीक्षा बैठक में अप्रैल से नवंबर 2023 के बीच मंडियों में कृषि उपजों की आवक की समीक्षा की गई। इसमें बताया गया कि 283.14 लाख मीट्रिक टन अनाज की आवक हुई है जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 265.51 लाख मीट्रिक टन थी। यह मात्र 7% अधिक है। प्रबंध संचालक द्वारा कहा गया कि उत्पादन के अनुपात में आवक की मात्रा कम नहीं होनी चाहिए। विपरीत स्थिति प्रदर्शित होने पर संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

जिन मंडियों में अनाज की आवक कम रही है, उनमें प्रमुख रूप से पिपरिया, इटारसी, सिहोर, बरेली, विदिशा, नागौद, बनापुरा, बैतूल, आष्टा, इंदौर, दमोह, छिंदवाड़ा,  मंदसौर, शुजालपुर, जावरा, सतना की मंडियां शामिल हैं। सभी संयुक्त संचालकों को इन मंडियों की तत्काल आवक में कमी के कारणों को स्पष्ट रूप से पहचानने और संशोधित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, कम आवक वाली मंडियों के निरीक्षण और अवैध व्यापार पर नियंत्रण के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति तथा पेंशन प्रकरणों का निराकरण करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, लंबित शिकायतों और विभागीय जांचों को समय सीमा में निराकृत करने के लिए भी कदम उठाया जाएगा। उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही, राजस्व रिकार्ड में दर्ज नहीं हुई मंडियों को तत्काल आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। ई-नाम योजना के अंतर्गत नए मंडियों को तत्काल योजना में शामिल करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। इससे मंडी प्रांगण में जैविक उत्पाद तथा एक जिला एक उत्पाद बिक्री हेतु शेडों को आरक्षित करने में मदद होगी।

डी प्रांगण में जैविक उत्पाद और एक जिला एक उत्पाद की बिक्री हेतु शेडों को सुरक्षित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में प्रबंध संचालक और आयुक्त श्रीमन शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 259 मंडी के सचिव, 7 संभागों के संयुक्त संचालक, 13 तकनीकी संभागों के कार्यपालन यंत्री उपस्थित रहे हैं।"