फेसबुक पर 500 रुपये की साड़ी का ऑफर पड़ा भारी, QR कोड के जरिए महिला से 28 हजार की ठगी

फेसबुक पर 500 रुपये की साड़ी का ऑफर पड़ा भारी, QR कोड के जरिए महिला से 28 हजार की ठगी

भोपाल। सोशल मीडिया पर सस्ते सामान का ऑफर देखकर ऑनलाइन खरीदारी करना एक गृहिणी को भारी पड़ गया। भोपाल के निशातपुरा क्षेत्र में रहने वाली महिला ने फेसबुक पर 500 रुपये की साड़ी का विज्ञापन देखा। साड़ी पसंद आने के बाद वाट्सएप पर संपर्क हुआ और कुछ ही समय में साइबर ठगों ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए महिला के बैंक खाते से 28,412 रुपये निकाल लिए।

मामले में महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, वाट्सएप अकाउंट और बैंक खातों का संबंध किन लोगों से है।

फेसबुक पर दिखा 500 रुपये की साड़ी का विज्ञापन

पुलिस के अनुसार करोंद निवासी गृहिणी राधिका तिवारी ने 11 अगस्त को फेसबुक पर साड़ी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में कम कीमत पर साड़ी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। 500 रुपये की साड़ी का ऑफर देखकर महिला ने विज्ञापन पर क्लिक किया।

इसके बाद वाट्सएप पर महिला से संपर्क किया गया। ठगों ने साड़ी के कई डिजाइन और दूसरे ऑफर भेजे। महिला ने साड़ी पसंद की और खरीदने की सहमति दे दी। इसके बाद ठगी का पूरा खेल शुरू हुआ।

भुगतान के नाम पर भेजे QR कोड

साइबर ठगों ने महिला को भुगतान से जुड़ी अलग-अलग बातें बताईं। इसके बाद उन्हें QR कोड भेजे गए। महिला से एक के बाद एक कई ट्रांजेक्शन करवाए गए। ठगों ने अलग-अलग कारण बताकर भुगतान की प्रक्रिया जारी रखी।

इस दौरान महिला से कुल 12 ट्रांजेक्शन कराए गए। इन ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से कुल 28,412 रुपये ट्रांसफर हो गए। जब महिला को खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली तो उन्हें ठगी का पता चला।

साइबर हेल्पलाइन 1930 पर की शिकायत

ठगी का पता चलते ही महिला ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। साइबर टीम ट्रांजेक्शन की जानकारी और पैसों के लेनदेन से जुड़े खातों की जांच कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फेसबुक पर दिया गया विज्ञापन किस अकाउंट से चलाया गया था और महिला से संपर्क करने वाले वाट्सएप नंबर का इस्तेमाल कौन कर रहा था।

सस्ते ऑफर दिखाकर लोगों को फंसा रहे साइबर ठग

सोशल मीडिया पर ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। साइबर ठग फेसबुक और दूसरे प्लेटफॉर्म पर सस्ते सामान के विज्ञापन डालते हैं। कम कीमत देखकर ग्राहक जब संपर्क करता है तो उसे वाट्सएप या किसी दूसरे मैसेजिंग ऐप पर ले जाया जाता है।

इसके बाद कभी एडवांस पेमेंट, कभी डिलीवरी चार्ज, कभी रिफंड और कभी पेमेंट फेल होने का बहाना बनाकर अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए जाते हैं। कई बार ठग लोगों से QR कोड स्कैन करवाकर UPI PIN भी डलवा देते हैं।

QR कोड को लेकर रहें सावधान

साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह समझना जरूरी है कि पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। अगर कोई व्यक्ति पैसे भेजने या रिफंड देने के नाम पर QR कोड स्कैन करने और UPI PIN डालने को कह रहा है, तो सावधान हो जाएं।

इसके अलावा अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। सबसे पहले बैंक को जानकारी दें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। इसके साथ ही संबंधित साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित ट्रांजेक्शन और खाते की जांच शुरू हो सकती है। इसलिए ठगी के बाद समय गंवाना नुकसान बढ़ा सकता है।

भोपाल का यह मामला सोशल मीडिया पर मिलने वाले बेहद सस्ते ऑफर को लेकर एक बड़ी चेतावनी है। किसी भी सामान की ऑनलाइन खरीदारी करने से पहले वेबसाइट, विक्रेता और भुगतान के तरीके की जांच करना जरूरी है। सिर्फ कम कीमत देखकर किसी अनजान व्यक्ति के बताए तरीके से भुगतान करना बैंक खाते के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।