UGC-NET की 3 परीक्षाएं रद्द होने पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- गलती NTA की, सजा छात्रों को

UGC-NET की 3 परीक्षाएं रद्द होने पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- गलती NTA की, सजा छात्रों को

नई दिल्ली। UGC-NET परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने तीन विषयों की परीक्षाएं दोबारा कराने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और NTA पर जमकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की गलती का खामियाजा हजारों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स की UGC-NET परीक्षाएं जून में आयोजित की गई थीं, लेकिन करीब दो महीने बाद NTA ने इन तीनों परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन छात्रों ने महीनों और वर्षों तक तैयारी की, आवेदन शुल्क जमा किया और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए यात्रा की, उन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।

राहुल गांधी बोले- गलती NTA की, सजा छात्रों को

राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि हजारों उम्मीदवारों ने UGC-NET परीक्षा के लिए लंबे समय तक मेहनत की थी। छात्रों ने परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ आवेदन और यात्रा पर पैसा खर्च किया। अब परीक्षा दोबारा होने के कारण उन्हें फिर से तैयारी करनी होगी और परीक्षा केंद्र तक पहुंचना होगा।

उन्होंने केंद्र सरकार और NTA पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर परीक्षा में गलती हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से संबंधित कोई गड़बड़ी हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि गलती परीक्षा एजेंसी करती है, लेकिन उसका नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है।

NTA पर जवाबदेही तय करने की मांग

राहुल गांधी ने NTA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में बार-बार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और इसके बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं होती।

उन्होंने NTA के नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के समय, मेहनत और भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।

राहुल गांधी ने अपने बयान में छात्रों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें उम्मीदवारों को बार-बार परेशान न होना पड़े।

UGC-NET के तीन विषयों की परीक्षा दोबारा होगी

दरअसल, NTA ने UGC-NET के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। जिन विषयों की परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी, उनमें इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी शामिल हैं।

इन पेपरों को लेकर तथ्यात्मक गलतियों के अलावा टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके अलावा प्रश्नपत्र में स्पेलिंग और प्रिंटिंग से जुड़ी गलतियां भी पाई गई थीं।

इन शिकायतों को देखते हुए NTA ने संबंधित तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया।

9 और 10 सितंबर को होगी परीक्षा

NTA के नए कार्यक्रम के अनुसार UGC-NET के तीनों पेपर सितंबर में दोबारा आयोजित किए जाएंगे।

इंग्लिश: 9 सितंबर, सुबह 9 बजे
कॉमर्स: 9 सितंबर, दोपहर 3 बजे
सोशियोलॉजी: 10 सितंबर, सुबह 9 बजे

दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को इसके लिए अलग से कोई परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा।

छात्रों को फिर से करनी होगी तैयारी

परीक्षा दोबारा होने के कारण उन उम्मीदवारों को एक बार फिर तैयारी करनी होगी, जिन्होंने पहले ही परीक्षा दे दी थी। कई छात्रों के लिए यह फैसला परेशानी बढ़ाने वाला है, क्योंकि उन्हें अब दोबारा अपने विषयों की तैयारी करनी होगी।

इसके अलावा जिन उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र उनके शहर से दूर हैं, उन्हें फिर से यात्रा की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि NTA की ओर से अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिए जाने का फैसला छात्रों के लिए राहत की बात है।

परीक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

UGC-NET की तीन परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद परीक्षा प्रणाली और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है।

राहुल गांधी ने इस मामले को छात्रों के भविष्य से जोड़ते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

अब छात्रों की नजर सितंबर में होने वाली दोबारा परीक्षा पर है। साथ ही यह भी देखना होगा कि NTA भविष्य में प्रश्नपत्र तैयार करने और उनकी जांच की प्रक्रिया में किस तरह के बदलाव करता है, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा सामने न आए।