भोपाल में टैक्सी हड़ताल जारी, आज तय होगी आगे की दिशा; बोर्ड ऑफिस पर धरना, परिवहन मंत्री से मिलेंगे यूनियन नेता
18 अगस्त की रात 12 बजे से बंद हैं टैक्सी और कैब, ओला-उबर की सेवा प्रभावित; यात्रियों को रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर परेशानी, ऑटो से सफर करना पड़ा
भोपाल। राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों की हड़ताल बुधवार को भी जारी है। टैक्सी संचालक मंगलवार रात 12 बजे से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण भोपाल में ओला, उबर और दूसरी ऐप आधारित कैब सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और दूसरे प्रमुख स्थानों पर दिखाई दे रहा है।
कैब नहीं मिलने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। कई यात्रियों ने ऑनलाइन कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें गाड़ियां नहीं मिलीं। इसके बाद यात्रियों को ऑटो और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। कुछ यात्रियों ने ऑटो चालकों पर सामान्य किराए से ज्यादा पैसे लेने का आरोप भी लगाया है।
मंगलवार को हुई बैठक, लेकिन नहीं निकला समाधान
हड़ताल को लेकर मंगलवार को परिवहन अधिकारियों और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के सचिव नफीस उद्दीन, भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में टैक्सी चालकों की मांगों पर चर्चा की गई। यूनियन ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। हालांकि, बातचीत के बाद भी किसी मांग पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
अब बुधवार को होने वाली बातचीत को हड़ताल के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
बोर्ड ऑफिस चौराहे पर होगा प्रदर्शन
टैक्सी यूनियन की ओर से बुधवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें टैक्सी चालक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
यूनियन का कहना है कि टैक्सी चालकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सबसे बड़ी समस्या किराए को लेकर है। चालकों का कहना है कि मौजूदा किराए में वाहन चलाना और बढ़ते खर्च को संभालना मुश्किल हो रहा है।
यूनियन ने सरकार से टैक्सियों के लिए उचित किराया तय करने की मांग की है।
एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी रोकने की मांग
टैक्सी यूनियन ने ओला, उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई है। यूनियन का आरोप है कि कंपनियों की नीतियों और कमीशन का सीधा असर ड्राइवरों की कमाई पर पड़ता है।
ड्राइवरों की मांग है कि सरकार एग्रीगेटर कंपनियों के लिए साफ नियम बनाए। कंपनियों की मनमानी पर रोक लगे और ड्राइवरों के हित में व्यवस्था तैयार की जाए।
इसके अलावा यूनियन ने प्राइवेट नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का पालन करने वाले टैक्सी संचालकों को ऐसे वाहनों के कारण नुकसान उठाना पड़ता है।
परिवहन मंत्री से होगी मुलाकात
बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरने के बाद टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात करेंगे।
मुलाकात में यूनियन की ओर से टैक्सी चालकों की पूरी समस्याएं रखी जाएंगी। इसमें किराया तय करने, एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े मुद्दे और प्राइवेट वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला प्रमुख रहेगा।
यूनियन नेताओं का कहना है कि मंत्री के साथ बातचीत में जो फैसला होगा, उसी के आधार पर हड़ताल की आगे की दिशा तय की जाएगी।
रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर यात्रियों की परेशानी
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ा है, जिन्हें रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट से शहर के दूसरे हिस्सों में जाना है। बुधवार सुबह रेलवे स्टेशन पर कई यात्रियों ने कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन कैब उपलब्ध नहीं हुई।
कैब नहीं मिलने पर यात्रियों को ऑटो और दूसरे साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा। जिन यात्रियों के पास ज्यादा सामान था, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
कुछ यात्रियों ने बताया कि सामान्य दिनों में जिस दूरी के लिए कैब आसानी से मिल जाती थी, हड़ताल के कारण अब उन्हें दूसरे साधन तलाशने पड़ रहे हैं।
ऑटो चालकों पर ज्यादा किराया लेने के आरोप
कैब सेवा बंद होने के बाद ऑटो की मांग बढ़ गई। इसी का फायदा उठाकर कुछ ऑटो चालकों पर ज्यादा किराया लेने के आरोप लगे हैं।
यात्रियों का कहना है कि कुछ जगहों पर सामान्य किराए से डेढ़ से दो गुना तक किराया मांगा गया। हालांकि, यह शिकायत सभी ऑटो चालकों को लेकर नहीं है।
कैब हड़ताल के कारण शहर में सार्वजनिक परिवहन पर भी दबाव बढ़ गया है। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए उपलब्ध दूसरे साधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
हड़ताल खत्म होगी या आगे बढ़ेगी?
फिलहाल टैक्सी यूनियन ने हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। मंगलवार की बैठक में समाधान नहीं निकलने के बाद अब बुधवार की बैठक पर सबकी नजर है।
अगर परिवहन मंत्री के साथ बातचीत में यूनियन की मांगों पर सहमति बनती है और सरकार की ओर से ठोस आश्वासन मिलता है, तो हड़ताल खत्म करने पर फैसला हो सकता है।
वहीं, अगर मांगों पर बात नहीं बनती है तो टैक्सी चालक हड़ताल आगे भी जारी रख सकते हैं। इसके अलावा आंदोलन का तरीका बदलने पर भी फैसला लिया जा सकता है।
यात्रियों को अभी राहत का इंतजार
भोपाल में कैब सेवा बंद होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के साथ-साथ रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। अब यात्रियों की नजर भी टैक्सी यूनियन और परिवहन मंत्री के बीच होने वाली बैठक पर है।
बुधवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर होने वाला प्रदर्शन और इसके बाद मंत्री से मुलाकात तय करेगी कि भोपाल में टैक्सी सेवा कब तक सामान्य होगी। फिलहाल शहर में ओला, उबर और दूसरी कैब सेवाओं के प्रभावित रहने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
news desk MPcg