भोपाल में दुकानों की सीलिंग पर व्यापारियों का प्रदर्शन, बोले-3 में से एक फैसला करे सरकार, नहीं तो होगा भोपाल बंद
व्यापारियों ने मास्टर प्लान लागू करने, गुजरात की तर्ज पर मिक्स्ड लैंड यूज देने या सीलिंग रोकने की मांग की; 7,158 नोटिस जारी होने का दावा
भोपाल। राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रही दुकानों और दूसरे कारोबार पर नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सरकार को तीन विकल्प दिए हैं और कहा है कि इनमें से किसी एक पर फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो भोपाल को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जा सकता है। इसके साथ ही सड़क जाम करने और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की भी चेतावनी दी गई है।
सरकार के सामने रखे 3 विकल्प
व्यापारियों का कहना है कि सरकार इस मामले में तीन में से किसी एक विकल्प पर फैसला करे।
पहला विकल्प: भोपाल का नया मास्टर प्लान जल्द लागू किया जाए।
दूसरा विकल्प: गुजरात की तर्ज पर मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि कुछ रिहायशी इलाकों में तय नियमों के साथ कारोबार किया जा सके।
तीसरा विकल्प: नगर निगम की ओर से की जा रही नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई को रोका जाए।
व्यापारियों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक दुकानों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
'क्या भीख मांगकर बच्चों का पेट भरेंगे'
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने अपनी परेशानी भी बताई। उनका कहना है कि कई लोग सालों से इन जगहों पर दुकान और कारोबार चला रहे हैं। अगर दुकानें बंद हो गईं तो उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
व्यापारियों ने सवाल उठाया कि अगर दुकानें बंद हो गईं तो वे अपने परिवार का खर्च कैसे चलाएंगे। प्रदर्शन में कुछ व्यापारियों ने कहा कि 'क्या भीख मांगकर बच्चों का पेट भरेंगे?'
व्यापारियों का कहना है कि वे नियमों का समाधान चाहते हैं, लेकिन सीधे दुकान बंद या सील करने की कार्रवाई से हजारों परिवार प्रभावित हो सकते हैं।
7,158 नोटिस जारी होने का दावा
व्यापारियों के मुताबिक, नगर निगम की ओर से बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए हैं। इस मामले में 7,158 नोटिस जारी होने का दावा किया जा रहा है।
नगर निगम की कार्रवाई का मुख्य मुद्दा रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे व्यावसायिक कारोबार से जुड़ा है। इससे पहले भी व्यापार संगठनों ने कार्रवाई रोकने और लंबे समय का समाधान निकालने की मांग की थी।
रिहायशी इलाकों में कारोबार पर कार्रवाई
नगर निगम का अभियान उन दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ है, जो रिहायशी उपयोग वाली जगहों पर कारोबार कर रहे हैं। जुलाई में भी इस मामले को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए थे।
व्यापार संगठनों का कहना है कि अचानक कार्रवाई से दुकानदारों और कारोबारियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। वहीं, प्रशासन का पक्ष यह है कि जमीन और भवन के तय उपयोग से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है।
व्यापारियों ने मांगा स्थायी समाधान
व्यापारियों का कहना है कि केवल नोटिस देकर या दुकान सील करके समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए जिससे नियम भी बने रहें और लंबे समय से कारोबार कर रहे लोगों का रोजगार भी न छिने।
इसी वजह से व्यापारी मिक्स्ड लैंड यूज की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कुछ क्षेत्रों में तय नियमों के साथ रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जाए तो समस्या का रास्ता निकाला जा सकता है। मिक्स्ड लैंड यूज की मांग व्यापारी संगठन पहले भी उठा चुके हैं।
पहले भी हो चुका है विरोध
भोपाल में इस मुद्दे पर व्यापारियों का विरोध पहले भी सामने आ चुका है। व्यापार संगठनों ने सरकार से कार्रवाई रोकने और नई नीति आने तक राहत देने की मांग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, शहर में बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का असर पड़ने की आशंका जताई गई थी।
हालांकि, हाल के दिनों में सरकार की ओर से इस मामले में समीक्षा और समाधान के लिए उच्चस्तरीय स्तर पर कदम उठाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
अब आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
व्यापारियों ने साफ कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं करती है तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। इसके तहत भोपाल बंद, सड़क जाम और मुख्यमंत्री निवास के घेराव जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल व्यापारियों और नगर निगम के बीच यह विवाद शहर में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। एक तरफ कारोबारियों को अपनी दुकान और रोजगार बचाने की चिंता है, वहीं दूसरी तरफ रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े नियमों का पालन कराने की चुनौती है।
अब नजर इस बात पर है कि सरकार व्यापारियों के तीन विकल्पों में से किसी एक पर फैसला करती है या इस मामले में कोई नया रास्ता निकालती है।
news desk MPcg