हाईकोर्ट ने रोकी पंचायत की वसूली, कहा- सरकारी कार्रवाई में नियमों का पालन जरूरी

हाईकोर्ट ने रोकी पंचायत की वसूली, कहा- सरकारी कार्रवाई में नियमों का पालन जरूरी

मंडला की सरपंच-सचिव से 4.93 लाख रुपये वसूलने के आदेश पर रोक, शासन से मांगा जवाब

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वसूली की प्रक्रिया को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी सरकारी वसूली के लिए सिर्फ अधिकार होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानून में तय प्रक्रिया का पालन करना भी जरूरी है।

हाईकोर्ट ने मंडला जिले की ग्राम पंचायत बिनैका की सरपंच और पंचायत सचिव से प्रस्तावित 4 लाख 93 हजार 942 रुपये की वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह रोक अगली सुनवाई तक जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

वसूली आदेश को दी गई थी चुनौती

मामले में ग्राम पंचायत बिनैका की सरपंच अनुसुइया परस्ते और पंचायत सचिव विपिन पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका में उन्होंने 29 जून 2026 को जारी वसूली आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश के तहत दोनों से 4,93,942 रुपये की राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा और कंचन मिश्रा पांडे ने पक्ष रखते हुए कहा कि वसूली का आदेश कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है और इसे जारी करने से पहले जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया।

हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने की। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

अदालत ने शासन को निर्देश दिए हैं कि वह इस मामले में अपना जवाब चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करे।

अगली सुनवाई तक नहीं होगी कोई कार्रवाई

हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में साफ किया कि अगली सुनवाई तक विवादित आदेश के आधार पर सरपंच और पंचायत सचिव से किसी भी तरह की वसूली नहीं की जाएगी।

कोर्ट ने कहा कि संबंधित पक्षों और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह तय किया जाएगा कि प्रस्तावित वसूली कानूनी प्रावधानों के अनुसार सही है या नहीं।

कोर्ट की टिप्पणी क्यों है अहम?

हाईकोर्ट का यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकारी विभागों को नुकसान की भरपाई या राशि वसूलने का अधिकार होता है, लेकिन यह कार्रवाई तय नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार ही होनी चाहिए।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभाग भी कानून से ऊपर नहीं हैं। किसी भी व्यक्ति से वसूली करने से पहले उसे उचित प्रक्रिया और अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना जरूरी है।

अब आगे क्या होगा?

अब राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को हाईकोर्ट में जवाब देना होगा। जवाब और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद कोर्ट मामले में आगे फैसला करेगा।

फिलहाल मंडला पंचायत की सरपंच और सचिव को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है और वसूली