शाजापुर में UCC के विरोध में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; कानून पर जताई आपत्ति
शाजापुर। मध्य प्रदेश विधानसभा से यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC बिल 2026 पारित होने के बाद प्रदेश में इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में गुरुवार, 20 अगस्त को शाजापुर में जिला जमीयत उलेमा और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने UCC के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में शहर के उलेमा, वकील, काउंसिल सदस्य और समाज के अन्य प्रमुख लोग शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने UCC के प्रावधानों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा कि कानून का असर धार्मिक और व्यक्तिगत मामलों पर पड़ सकता है।
मौलाना मोहम्मद अफजल ने क्या कहा?
जमीयत उलेमा की ओर से मौलाना मोहम्मद अफजल ने कहा कि शाजापुर शहर की ओर से 20 अगस्त को राष्ट्रपति के नाम यह ज्ञापन सौंपा गया है। उनके मुताबिक, समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग UCC को लेकर अपनी चिंताएं प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके अनुसार UCC का लागू होना देश के लिए और धार्मिक मामलों के लिहाज से नुकसानदायक हो सकता है। समाज की ओर से सरकार से इस मुद्दे पर दोबारा विचार करने और प्रभावित पक्षों की बात सुनने की मांग की गई।
MP विधानसभा में जुलाई में पास हुआ था UCC
बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा ने 21 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2026 को वॉयस वोट से पारित किया था। बिल के पारित होने के दौरान विपक्षी कांग्रेस ने इसका विरोध किया था और इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की थी।
बिल में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इसमें बहुविवाह पर रोक, विवाह और तलाक के पंजीकरण तथा लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण जैसे प्रावधान शामिल हैं। अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
UCC पर प्रदेश में जारी है बहस
UCC को लेकर मध्य प्रदेश में पहले भी अलग-अलग स्तर पर आपत्तियां सामने आती रही हैं। जून में UCC ड्राफ्टिंग प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम समाज की ओर से व्यक्तिगत कानून में हस्तक्षेप को लेकर चिंता जताई गई थी।
वहीं हाल में भोपाल में भी UCC को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण कुछ परिवारों द्वारा जल्द निकाह कराने की खबर सामने आई थी। हालांकि, उन मामलों में भी अफवाह और वास्तविक कानूनी प्रावधान के बीच अंतर को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत बताई गई थी।
अब आगे क्या?
शाजापुर में सौंपे गए ज्ञापन के जरिए मुस्लिम समाज ने अपनी आपत्तियां राष्ट्रपति तक पहुंचाने की कोशिश की है। फिलहाल UCC को लेकर प्रदेश में सरकार के समर्थन और विरोधी पक्षों की आपत्तियों के बीच बहस जारी है। शाजापुर का यह ज्ञापन इसी बहस का एक नया स्थानीय घटनाक्रम है।
news desk MPcg