भोपाल में सीलिंग कार्रवाई का विरोध, पुलिस और कारोबारियों में झड़प; बैरिकेड हटाकर आगे बढ़े व्यापारी, कई प्रतिष्ठानों पर ताले
Bhopal Sealing Action: राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कोहेफिजा क्षेत्र में चाय कैफे, होटल, बेकरी और बुक शॉप समेत कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ कारोबारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ व्यापारी बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश करते नजर आए, जिसके दौरान कुछ लोग गिर भी गए।
भोपाल। राजधानी में रहवासी क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी शहर के कई इलाकों में सीलिंग की कार्रवाई जारी रही। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों में नाराजगी दिखाई दी और कुछ स्थानों पर पुलिस तथा कारोबारियों के बीच हाथापाई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
मंगलवार सुबह करीब 9 बजे से कार्रवाई दोबारा शुरू की गई। कोहेफिजा क्षेत्र में नगर निगम की टीम चाय लीला कैफे समेत होटल, बेकरी और बुक शॉप जैसे प्रतिष्ठानों पर पहुंची। कुछ संचालकों ने कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, जबकि कुछ जगहों पर विरोध भी देखने को मिला।
बैरिकेड हटाकर आगे बढ़े कारोबारी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कर रास्ता नियंत्रित करने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे कुछ कारोबारी गिर गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया।
व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था का मौका मिलना चाहिए था। वहीं प्रशासन का तर्क है कि रहवासी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
दूसरे दिन भी जारी रही सीलिंग
भोपाल में यह कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। नगर निगम की टीमें अलग-अलग इलाकों में पहुंचीं और ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जहां रहवासी उपयोग वाली संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें या नियमों का उल्लंघन सामने आया है।
मंगलवार को कोहेफिजा स्थित चाय लीला कैफे, होटल, बुक शॉप और बेकरी समेत कई स्थानों पर कार्रवाई की गई।
कुछ प्रतिष्ठानों के संचालकों ने टीम के पहुंचने के बाद स्वयं ही दुकान और संस्थान बंद कर दिए। इसके बाद संबंधित परिसरों को सील करने की कार्रवाई की गई।
व्यापारियों में नाराजगी
सीलिंग अभियान के विरोध में व्यापारियों में नाराजगी दिखाई दे रही है। कारोबारियों का कहना है कि कई प्रतिष्ठान लंबे समय से संचालित हो रहे हैं और वहां बड़ी संख्या में लोग रोजगार से जुड़े हैं। अचानक कार्रवाई होने से कर्मचारियों और कारोबारियों दोनों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
व्यापारियों की ओर से यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि यदि किसी व्यावसायिक गतिविधि में नियमों का उल्लंघन है तो संबंधित संचालकों को पहले नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए।
प्रशासन का कहना-नियमों के अनुसार हो रही कार्रवाई
दूसरी ओर प्रशासन और नगर निगम की ओर से रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की जा रही है। अभियान का उद्देश्य उन गतिविधियों पर रोक लगाना है, जो निर्धारित भूमि उपयोग या स्वीकृत उपयोग के विपरीत संचालित हो रही हैं।
अधिकारियों का फोकस ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान और कार्रवाई पर है, जहां नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है।
पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया। हालांकि विरोध के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और व्यापारियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
बैरिकेडिंग के कारण कार्रवाई वाले इलाकों में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी रहा। पुलिस ने लोगों को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई।
सीलिंग अभियान आगे भी जारी रहने के संकेत
भोपाल में रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी को लेकर शुरू हुआ अभियान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। दूसरे दिन भी कार्रवाई होने से संकेत हैं कि आने वाले दिनों में नगर निगम और प्रशासन की टीमें अन्य क्षेत्रों में भी निरीक्षण और कार्रवाई कर सकती हैं।
ऐसे में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले संपत्ति मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों के लिए अपने दस्तावेज, अनुमति और भूमि उपयोग की स्थिति स्पष्ट रखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल मंगलवार की कार्रवाई के बाद व्यापारियों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर व्यापारी संगठन आगे की रणनीति भी तय कर सकते हैं।
news desk MPcg