नाबालिगों को नशीली दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर कसेगा शिकंजा, लाइसेंस तक होगा निरस्त

नाबालिगों को नशीली दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर कसेगा शिकंजा, लाइसेंस तक होगा निरस्त

Sagar News: सागर में ड्रग्स के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, मेडिकल स्टोर्स की जांच तेज; नियम तोड़ने पर लाइसेंस निरस्त या निलंबित करने की कार्रवाई

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और उनके नाबालिगों तक पहुंचने की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। नशीली दवाओं के सेवन और इनके कारण अपराधों में नाबालिगों की संलिप्तता सामने आने के बाद अब मेडिकल स्टोर्स की जांच और कार्रवाई का अभियान तेज किया गया है।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर नियमों का उल्लंघन करते हुए नशीली दवाओं की बिक्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ औषधि कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है।

जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन के नेतृत्व में शहर के अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया जा रहा है।

नाबालिगों तक पहुंच रही नशीली दवाएं

पुलिस की कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि कुछ नाबालिग नशीली दवाओं का सेवन कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, ऐसे कुछ नाबालिगों को आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के मामलों में भी पकड़ा गया है।

इसके बाद प्रशासन ने नशीली दवाओं की बिक्री के स्रोत की जांच शुरू की है। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंधित या नियंत्रित दवाएं मेडिकल स्टोर्स से किस तरह और किन लोगों को बेची जा रही हैं।

प्रशासन का फोकस न केवल मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई करना है, बल्कि जनजागरूकता के जरिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना भी है।

मेडिकल स्टोर्स की जांच में सामने आई अनियमितताएं

ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन के अनुसार, शहर के मेडिकल स्टोर्स पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान दवाओं के स्टॉक, बिक्री और खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर दवाओं के नमूने लिए जा रहे हैं और संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1945 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने पर लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ऋषभ इंटरप्राइजेज का लाइसेंस निरस्त

अभियान के दौरान ऋषभ इंटरप्राइजेज मेडिकल स्टोर में नशीली दवाओं की बिक्री से संबंधित अनियमितता पाए जाने पर उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

विष्णु मेडिकल का लाइसेंस भी हुआ निरस्त

आईटीआई के सामने संचालित विष्णु मेडिकल का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान दुकान का संचालन नहीं पाया गया। इसके बाद संबंधित नियमों के तहत मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।

प्रशासन का कहना है कि मेडिकल स्टोर के संचालन से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है। निर्धारित शर्तों के उल्लंघन पर लाइसेंस संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।

फार्मासिस्ट के बिना दुकान चलाने पर कार्रवाई

जांच के दौरान संवृद्धि मेडिकल में फार्मासिस्ट के बिना दुकान संचालित किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 7 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।

यह कार्रवाई इस बात को लेकर महत्वपूर्ण है कि दवाओं की बिक्री और मेडिकल स्टोर के संचालन में फार्मासिस्ट की निर्धारित भूमिका और नियमों का पालन जरूरी है।

पिछले महीने 13 मेडिकल स्टोर्स पर हुई थी कार्रवाई

सागर जिले में मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई का यह अभियान नया नहीं है। जानकारी के अनुसार, पिछले महीने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1945 के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिले के 13 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए थे।

अब एक बार फिर नशीली दवाओं की बिक्री और मेडिकल स्टोर्स में नियमों के पालन को लेकर जांच अभियान तेज किया गया है।

पटेल मेडिकल में Avil की बिक्री के दस्तावेजों में गड़बड़ी

विजय टॉकीज रोड स्थित पटेल मेडिकल के निरीक्षण के दौरान Avil 10 एमएल वायल के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने की जानकारी दी गई है।

इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक को तीन दिन के भीतर नारकोटिक्स दवाओं और Avil से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब संचालक की ओर से दिए जाने वाले जवाब और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे

प्रशासन की ओर से जांच के दौरान दवाओं के नमूने भी लिए जा रहे हैं। इन नमूनों को औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जाने की जानकारी है।

लैब रिपोर्ट के आधार पर दवाओं की गुणवत्ता और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि किसी दवा या उसके उपयोग से संबंधित नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

लगातार चलेगा अभियान

ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन के अनुसार, नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन की कोशिश है कि मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से नशीली या नियंत्रित दवाओं का गलत इस्तेमाल न हो और ये दवाएं नाबालिगों तक न पहुंचें।

इस अभियान में दवाओं की बिक्री, स्टॉक और खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के साथ-साथ नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है।

नियम तोड़ने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर होगी सख्ती

सागर जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि नशीली दवाओं की बिक्री अथवा दवा संबंधी नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। कार्रवाई केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ युवाओं और नाबालिगों को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकना है।

फिलहाल सागर शहर में मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण का अभियान जारी है और आने वाले दिनों में और दुकानों की जांच की जा सकती है।