प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा-यमुना उफान पर; कई मोहल्लों में घुसा पानी, सैकड़ों लोगों ने छोड़े घर
Prayagraj Flood News: खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहीं गंगा और यमुना, निचले इलाकों में जलभराव से बढ़ी परेशानी; NDRF-PAC की टीमें तैनात, राहत शिविरों में पहुंच रहे प्रभावित लोग
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। दोनों नदियों में उफान के चलते अब पानी शहर के निचले और तटीय इलाकों तक पहुंचने लगा है। कई मोहल्लों की गलियों में पानी भर गया है, जबकि कुछ घरों में भी बाढ़ का पानी घुसने की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव दलों को सक्रिय कर दिया है।
इन इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी
गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रयागराज के कई निचले इलाकों में इसका असर दिखाई देने लगा है। नेवादा, गंगानगर, राजापुर, बेली, चिल्ला, छोटा बघाड़ा और दारागंज समेत कई तटीय मोहल्लों की दर्जनों गलियों में पानी भर गया है।
कुछ स्थानों पर पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। इसके चलते लोगों को अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। जिन इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहां प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
गंगा का जलस्तर 82.88 मीटर पहुंचा
मंगलवार सुबह भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुबह गंगा का जलस्तर 82.88 मीटर तक पहुंच गया था।
वहीं, यमुना का जलस्तर 82.39 मीटर दर्ज किया गया। दोनों नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के अलावा विभिन्न बांधों और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी को भी नदियों में बढ़ते जलस्तर की एक वजह माना जा रहा है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की बढ़ी चिंता
नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पानी बढ़ने के साथ ही लोगों को घरों में जरूरी सामान सुरक्षित रखने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है।
कई परिवारों ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए अपने घर खाली कर दिए हैं। प्रभावित लोगों को प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
दो राहत शिविर संचालित
प्रशासन ने फिलहाल प्रभावित लोगों के लिए दो राहत शिविर संचालित किए हैं। यहां पहुंचने वाले लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
राहत शिविरों के अलावा निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दलों को भी सक्रिय किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
NDRF और PAC की टीमें तैनात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत किया है। NDRF और PAC की टीमें तैनात की गई हैं। प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई गई है। जलस्तर में होने वाले बदलाव की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हालात बिगड़ने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
बांधों और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का असर
प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के पीछे पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के साथ-साथ विभिन्न बांधों और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी को भी अहम कारण माना जा रहा है।
ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण नदियों का प्रवाह बढ़ रहा है। ऐसे में प्रयागराज जैसे संगम क्षेत्र में इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने राहत-बचाव अभियान किया तेज
बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। राहत और बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। जलभराव वाले इलाकों में लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
लगातार बढ़ रहा जलस्तर, आगे भी नजर
फिलहाल प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। दोनों नदियां खतरे के निशान की ओर बढ़ रही हैं और निचले इलाकों में पानी पहुंचने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रहती है तो और अधिक इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है।
फिलहाल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले घंटों में नदियों के जलस्तर में होने वाला बदलाव प्रयागराज की बाढ़ की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
news desk MPcg