खातेगांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, बोले- सुविधाएं नहीं मिलें तो मामा मंत्री किसलिए बना है; कौशल विकास केंद्र का किया शुभारंभ देवास के खातेगांव में केंद्रीय मंत्री का दौरा

खातेगांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, बोले- सुविधाएं नहीं मिलें तो मामा मंत्री किसलिए बना है; कौशल विकास केंद्र का किया शुभारंभ देवास के खातेगांव में केंद्रीय मंत्री का दौरा

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को देवास जिले के खातेगांव पहुंचे। यहां उन्होंने आमसभा को संबोधित करने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उनके दौरे के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं, युवा और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। चौहान ने लोगों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और क्षेत्र की जरूरतों को लेकर भी चर्चा की।

नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत

शिवराज सिंह चौहान ने खातेगांव में नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। इस केंद्र का उद्देश्य युवाओं और लोगों को रोजगार के लिए जरूरी हुनर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई या डिग्री से ही रोजगार सुनिश्चित नहीं होता, बल्कि युवाओं के हाथ में ऐसा हुनर होना जरूरी है, जिसकी बाजार में मांग हो। देवास के साथ विदिशा, सीहोर, रायसेन सहित अन्य क्षेत्रों में भी कौशल विकास केंद्र शुरू किए जाने की बात कही गई है।

बोले- आमदनी बढ़ेगी तभी बेहतर होगी जिंदगी

चौहान ने कहा कि जब तक व्यक्ति के पास पैसा और आमदनी का साधन नहीं होगा, तब तक परिवार की जिंदगी बेहतर तरीके से नहीं चल सकती। इसके लिए काम-धंधा और रोजगार जरूरी है और रोजगार के लिए कौशल होना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण लेने और हुनर विकसित करने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री इससे पहले भी युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देने और रोजगार से जोड़ने की बात कह चुके हैं।

लाड़ली बहनों और भांजे-भांजियों से किया संवाद

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों और भांजे-भांजियों से भी संवाद किया। महिलाओं ने उनसे मुलाकात की और राखी भी बांधी। चौहान ने महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय अंदाज में बातचीत की। उनका यह अंदाज उनके राजनीतिक दौर में भी काफी चर्चित रहा है और वे अक्सर महिलाओं को ‘बहन’ तथा युवाओं और बच्चों को ‘भांजे-भांजियां’ कहकर संबोधित करते रहे हैं।

सुविधाओं को लेकर बोले- मामा मंत्री किसलिए बना है

आमसभा में शिवराज सिंह चौहान ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि क्षेत्र के लोगों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तो वे अपनी समस्या बताएं। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा, “आप लोगों को सुविधाएं न मिले तो मामा मंत्री किसलिए बना है।” उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद लोगों ने भी प्रतिक्रिया दी। चौहान ने संकेत दिया कि क्षेत्र के विकास और लोगों की मूलभूत जरूरतों से जुड़े मुद्दों को संबंधित स्तर पर उठाया जाएगा।

खातेगांव के विकास पर पहले भी जताई चिंता

खातेगांव क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर शिवराज सिंह चौहान पहले भी अधिकारियों के साथ समीक्षा कर चुके हैं। अगस्त में देवास की दिशा समिति की बैठक में उन्होंने कृषि, ग्रामीण विकास, सिंचाई, पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और महिला सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर चर्चा की थी। उस दौरान खातेगांव क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को समीक्षा और जांच के निर्देश दिए गए थे।

युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

शिवराज सिंह चौहान लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय निजी क्षेत्र और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाए। उनका कहना है कि उद्योगों को कुशल मानव संसाधन की जरूरत है और युवाओं को रोजगार चाहिए, ऐसे में प्रशिक्षण के जरिए दोनों के बीच की दूरी कम की जा सकती है। इसके लिए आईटीआई और निजी प्रशिक्षण संस्थानों की मदद लेने की बात भी सामने आई है।

‘मिशन समृद्ध गांव’ से भी खातेगांव को जोड़ने की योजना

केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं के संदर्भ में खातेगांव को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। हालिया सरकारी जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक और सीहोर के बुधनी में ‘मिशन समृद्ध गांव’ के पायलट मॉडल विकसित किए जाने हैं। इसका उद्देश्य रोजगार, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करते हुए गांवों में ही आर्थिक अवसर तैयार करना है।

महिलाओं की आर्थिक मजबूती पर भी फोकस

देवास जिले में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लखपति दीदी अभियान पर भी जोर दिया जा रहा है। अगस्त में देवास की दिशा समिति की बैठक में चौहान ने जिले में लगभग 35 हजार लखपति दीदियों का उल्लेख करते हुए 37 हजार और महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य बताया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

हजारों लोगों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

खातेगांव में आयोजित आमसभा में क्षेत्र के हजारों लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और क्षेत्रीय सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ लेने और अपने हुनर को रोजगार से जोड़ने का संदेश दिया।