भिवापुर में दहीहंडी उत्सव 2026 का जोशपूर्ण समापन, JMD गोविंदा बोरगांव टीम ने 28 सेकंड में बनाई 5 परतें

भिवापुर में दहीहंडी उत्सव 2026 का जोशपूर्ण समापन, JMD गोविंदा बोरगांव टीम ने 28 सेकंड में बनाई 5 परतें

पहली बार आयोजित प्रतियोगिता में विदर्भ की 6 टीमों ने लिया हिस्सा

भिवापुर: श्री भीमादेवी क्रीड़ा मंडल एवं सांस्कृतिक मंडल, भिवापुर और भिवापुर युवा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘दहीहंडी उत्सव 2026’ का रविवार 6 सितंबर को उत्साह और अनुशासनपूर्ण माहौल में समापन हुआ। प्रतियोगिता का यह पहला वर्ष था, लेकिन आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में नागपुर, भंडारा और चंद्रपुर जिले की कुल 6 प्रसिद्ध गोविंदा टीमों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग टीमों ने निर्धारित समय में एक के ऊपर एक परत बनाकर दहीहंडी फोड़ने का प्रयास किया। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने मौके पर मौजूद दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया।

तहसीलदार संजय राठोड ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन

दहीहंडी प्रतियोगिता का शुभारंभ तहसीलदार संजय राठोड ने किया। इस अवसर पर भिवापुर के ठाणेदार रवींद्र मस्कर, सुधा अंबादास मोहरकर और शहीद मेजर की पत्नी राजश्री मंगेश रामटेके सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयोजकों की ओर से प्रतियोगिता के दौरान अनुशासन और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। प्रतियोगिता में शामिल गोविंदा टीमों ने उत्साह के साथ अपनी-अपनी बारी पर मानव पिरामिड बनाने का प्रदर्शन किया।

JMD गोविंदा बोरगांव ने 28 सेकंड में बनाया 5 परतों का पिरामिड

प्रतियोगिता में JMD गोविंदा टीम बोरगांव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। टीम ने महज 28 सेकंड में 5 परतों का पिरामिड तैयार कर दहीहंडी प्रतियोगिता में अपनी जीत दर्ज की।

बेहतरीन समय और पांच परतों के प्रदर्शन के लिए JMD गोविंदा टीम को 51 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। टीम के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला और खिलाड़ियों का जोरदार उत्साहवर्धन किया गया।

राधे कृष्ण गोविंदा टीम मोती दिघोरी दूसरे स्थान पर

प्रतियोगिता में राधे कृष्ण गोविंदा टीम मोती दिघोरी ने दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने 1 मिनट 9 सेकंड में पांच परतों का पिरामिड बनाया और अपने प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 31 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। टीम के सदस्यों को आयोजन समिति और उपस्थित अतिथियों की ओर से सम्मानित किया गया।

जय महाकाल गोविंदा टीम उमरेड को मिला तीसरा स्थान

जय महाकाल गोविंदा टीम उमरेड ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 44 सेकंड में चार परतों का पिरामिड बनाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

टीम को तीसरे पुरस्कार के रूप में 11 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। प्रतियोगिता में टीमों के बीच मुकाबला रोमांचक रहा और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

महिला गोविंदा टीम बनी विशेष आकर्षण

दहीहंडी प्रतियोगिता में उमरेड की जय महाकाल महिला गोविंदा टीम विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिला खिलाड़ियों ने भी पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

आयोजकों की ओर से महिला टीम के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करते हुए 11 हजार रुपये का विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। महिला टीम की भागीदारी को कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया।

बिना पूर्व प्रशिक्षण के स्थानीय खिलाड़ियों ने दिखाया उत्साह

श्री भीमादेवी क्रीड़ा मंडल की ओर से स्थानीय खिलाड़ियों की भागीदारी की भी सराहना की गई। आयोजकों के मुताबिक कई खिलाड़ियों ने बिना किसी पूर्व अनुभव या विशेष प्रशिक्षण के प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपना उत्साह और आत्मविश्वास दिखाया।

दहीहंडी जैसे आयोजनों में टीमवर्क, संतुलन और आपसी समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बनाते हुए मानव पिरामिड तैयार किए।

पुरस्कार वितरण समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में देवापुर की नगराध्यक्ष सुषमा शिरामे, पुलिस सब इंस्पेक्टर सचिन उरकुडे और कृषि उपज बाजार समिति के सचिव रामकृष्ण घोंगट सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अतिथियों ने विजेता और अन्य टीमों के खिलाड़ियों को नकद राशि एवं पदक देकर सम्मानित किया। आयोजकों ने खिलाड़ियों की मेहनत और खेल भावना की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी ऐसे आयोजनों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन की तैनाती

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भिवापुर पुलिस के जवानों के साथ तालुका स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत के दमकल विभाग की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर तैनात रही।

आयोजकों और प्रशासन के समन्वय के चलते प्रतियोगिता शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आयोजन स्थल पर आवश्यक सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाएं उपलब्ध रखी गई थीं।

आयोजन की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं ने की मेहनत

दहीहंडी उत्सव को सफल बनाने में आयोजन समिति और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम की तैयारियों से लेकर प्रतियोगिता के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और पुरस्कार वितरण तक बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी संभाली।

आयोजन की सफलता के लिए अपूर्वक ठवरे, हिमांशू अग्रवाल, अमोल राजुरकर, पिंटू शिरामे, विवेक ठाकरे, आशुतोष मोरे, निरंजन बिरे, अनिकेत वराडे, वैभव सौरदे, दिनेश रामटेके, राकेश पवनीकर, वैभव सुरस्कर, अमन अरोरा, विशाल तीतरमारे, समीर वराडे, सोहेल हटवार, प्रवीण बोरकुटे, श्याम शेलोटे, गोल्डी उरकुडे, किशोर पुरी, सौरभ मालोदे, राकेश गेडाम, प्रशांत अंभोरे, नदीम बेग, श्रवण वाघमारे, विकी खापरेकर, जयेश भजभुजे, लोकेश भजभुजे, गोलू पिंपलकर, पवन राऊत, वेदांत देवघरे, अमन धन विजय, अतुल घोडेसवार, किरण माटे और रोशन पराते सहित अन्य सदस्यों ने मेहनत की।

पहली ही प्रतियोगिता ने बनाई अलग पहचान

भिवापुर में पहली बार आयोजित दहीहंडी प्रतियोगिता में विदर्भ के अलग-अलग जिलों से टीमों की भागीदारी और दर्शकों के उत्साह ने आयोजन को खास बना दिया। JMD गोविंदा बोरगांव की तेजतर्रार जीत से लेकर महिला गोविंदा टीम की भागीदारी तक, प्रतियोगिता में कई यादगार पल देखने को मिले।

आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं में टीम भावना, अनुशासन और खेल के प्रति रुचि बढ़ती है। पहली बार आयोजित प्रतियोगिता के सफल समापन के साथ ही अगले वर्ष इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की उम्मीद भी बनी है।