LNIP छात्रा श्रुति की मौत पर ग्वालियर में प्रदर्शन, 500 से ज्यादा छात्रों ने उठाई ‘Justice for Shruti’ की आवाज

LNIP छात्रा श्रुति की मौत पर ग्वालियर में प्रदर्शन, 500 से ज्यादा छात्रों ने उठाई ‘Justice for Shruti’ की आवाज

गुवाहाटी कैंपस में छात्रा की मौत के बाद ग्वालियर तक पहुंचा विरोध, छात्रों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई और परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की
ग्वालियर कैंपस के बाहर छात्रों का शांतिपूर्ण धरना

ग्वालियर स्थित लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIP) के कैंपस के बाहर बुधवार शाम बड़ी संख्या में छात्र जुटे। करीब 500 से 600 छात्रों ने शांतिपूर्ण धरना देकर गुवाहाटी कैंपस में हुई छात्रा श्रुति की मौत के मामले में न्याय की मांग की। छात्रों के हाथों में ‘Justice for Shruti’ के पोस्टर और बैनर नजर आए। प्रदर्शन का असर गुवाहाटी से लेकर ग्वालियर तक देखने को मिल रहा है।

एक सप्ताह से बीमार थी श्रुति, इलाज को लेकर सवाल

श्रुति LNIP के गुवाहाटी कैंपस में बीपीएड तृतीय वर्ष की छात्रा और टेनिस खिलाड़ी थी। छात्रों का आरोप है कि मौत से पहले वह करीब एक सप्ताह से बीमार थी और पेट दर्द की शिकायत लेकर कैंपस के हेल्थ सेंटर पहुंची थी। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि उसे गंभीर जांच के बजाय दर्द की दवा देकर वापस भेज दिया गया। बाद में हालत बिगड़ने पर उसने वार्डन से मेडिकल लीव की मांग की, लेकिन कथित तौर पर उसे छुट्टी नहीं मिली।

छात्रों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि श्रुति की बीमारी को शुरुआती स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया गया। एक छात्र के मुताबिक, बाद में उसकी हालत इतनी बिगड़ी कि अपेंडिक्स फटने और संक्रमण फैलने की स्थिति बनी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिवार के लिए 50 लाख मुआवजे की मांग

छात्रों का कहना है कि श्रुति के परिवार को आर्थिक सहायता के नाम पर करीब एक लाख रुपए जुटाकर देने की बात पर्याप्त नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने परिवार को कम से कम 50 लाख रुपए मुआवजा देने और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, ग्वालियर और गुवाहाटी दोनों जगह आंदोलन जारी रखा जाएगा।

कुलपति गुवाहाटी पहुंचीं, डॉक्टर हटाए गए

LNIP के कुलसचिव प्रो. यतेंद्र तोमर के अनुसार, गुवाहाटी की घटना के बाद कुलपति वहां पहुंचकर छात्रों से बातचीत कर रही हैं। मामले की जांच भी कराई जा रही है और संबंधित डॉक्टरों को तत्काल हटा दिया गया है। प्रबंधन का कहना है कि श्रुति के इलाज का पूरा खर्च संस्थान ने उठाया है और परिवार की मदद के लिए भी आवश्यक कदम किए जा रहे हैं। वहीं, छात्रों के विरोध के बीच प्रबंधन ने ग्वालियर कैंपस में पांच छात्रों की एक समिति बनाने की बात कही है, जो हर सप्ताह हेल्थ सेंटर, साफ-सफाई और कैंपस की व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी।

ऐसी ही सटीक और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें City Today के साथ।