ईरान युद्ध का असर दुनियाभर में, महंगा हुआ तेल; कई देशों में विरोध और उद्योग प्रभावित
ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने का असर अब पश्चिम एशिया से बाहर भी दिखाई दे रहा है। इंडोनेशिया में पेट्रोल के लिए कतारें लग रही हैं, फिलीपींस में महंगे डीजल के कारण मछुआरे समुद्र में नहीं जा पा रहे, जबकि बांग्लादेश में गैस और बिजली की कमी से कपड़ा उद्योग प्रभावित हुआ है।
इंडोनेशिया में पेट्रोल-गैस की कमी, पंपों पर लगी लंबी कतारें
इंडोनेशिया के कुछ इलाकों में खाना पकाने वाली गैस की कमी और बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ जगहों पर पेट्रोल की राशनिंग भी शुरू हुई है। बढ़ती कीमतों और ईंधन की उपलब्धता को लेकर टैक्सी ड्राइवरों और छात्रों ने प्रदर्शन किया। सरकार के लिए बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच ईंधन सब्सिडी का खर्च संभालना चुनौती बन रहा है।
फिलीपींस में महंगे डीजल से मछुआरों ने रोकी नावें
मनीला बे के मछुआरों के सामने महंगे डीजल की वजह से समुद्र में जाने की समस्या खड़ी हो गई है। कई मछुआरे पर्याप्त ईंधन नहीं खरीद पाने के कारण नावें नहीं चला पा रहे हैं। इसका असर उनकी कमाई के साथ-साथ बाजार में मछली की सप्लाई पर भी पड़ सकता है।
बांग्लादेश में गैस-बिजली संकट, कपड़ा फैक्ट्रियों में काम प्रभावित
बांग्लादेश में ईंधन और गैस की कमी का असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। इसके चलते कपड़ा उद्योग की कुछ फैक्ट्रियों में काम अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। कई इलाकों में बार-बार बिजली कटने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कपड़ा उद्योग देश के बड़े रोजगार और निर्यात क्षेत्रों में शामिल है।
श्रीलंका और इटली में सरकारों के सामने राहत की चुनौती
श्रीलंका में सरकार के सामने ईंधन की कीमत बढ़ाने या सब्सिडी बढ़ाकर उपभोक्ताओं को राहत देने का विकल्प है। वहीं इटली में डीजल पर टैक्स राहत खत्म होने के बाद कीमत बढ़ने की आशंका है। सरकार जरूरतमंद लोगों को करीब 100 यूरो का फ्यूल बोनस देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। दूसरी ओर, सीरिया में ईंधन की कीमतों में 40% तक बढ़ोतरी के बाद प्रदर्शन हुए, जबकि पुर्तगाल में ड्राइवर धीमी रफ्तार और लगातार हॉर्न बजाकर महंगे ईंधन का विरोध कर रहे हैं।
news desk MPcg