अमेरिका-ईरान पीस डील पर डिजिटल साइन का दावा, 19 जून को होंगे औपचारिक हस्ताक्षर 28 लाख करोड़ के पैकेज की चर्चा तेज

अमेरिका-ईरान पीस डील पर डिजिटल साइन का दावा, 19 जून को होंगे औपचारिक हस्ताक्षर 28 लाख करोड़ के पैकेज की चर्चा तेज

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच शांति समझौते को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौता लगभग पूरा हो चुका है और 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में इस पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, समझौते पर अमेरिकी पक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी नेतृत्व की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर चुके हैं। हालांकि, समझौते के पूरे दस्तावेज को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और आधिकारिक मसौदा हस्ताक्षर के बाद जारी किए जाने की बात कही गई है।

14 बिंदुओं वाले मसौदे पर बनी सहमति

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच 14 बिंदुओं वाला प्रारंभिक मसौदा तैयार किया गया है। दोनों देशों के अधिकारी अब इसके तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर आगे बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि यह समझौता परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों को शामिल कर सकता है।

28 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की चर्चा

कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि समझौते के तहत ईरान को आर्थिक सहायता या पुनर्निर्माण पैकेज के रूप में करीब 28 लाख करोड़ रुपये तक की सहायता मिल सकती है। हालांकि, इस रकम की अभी तक अमेरिका या ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ट्रम्प बोले- शर्तें पूरी होंगी तभी मिलेगी राहत

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत तभी मिलेगी, जब वह समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन करेगा। अमेरिका ने फिलहाल किसी भी तत्काल आर्थिक राहत या प्रतिबंध हटाने की घोषणा नहीं की है।

इजराइल ने बनाई दूरी

इजराइल ने इस प्रस्तावित समझौते से खुद को अलग बताया है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ने कहा कि यह अमेरिका का फैसला है और उनका देश इससे बाध्य नहीं है। वहीं रक्षा मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि दक्षिणी लेबनान से सेना हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

मैक्रों ने रखी परमाणु निगरानी की शर्त

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में रखा जाना चाहिए ताकि उसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में न हो सके।

ईरान ने समझौते को बताया अपनी जीत

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते को "जीत का दस्तावेज" बताया। उनका कहना है कि बातचीत में ईरान मजबूत स्थिति में रहा और इजराइल की नाराजगी इसी का संकेत है।

कई देशों ने किया स्वागत

संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, स्विट्जरलैंड, कतर और पाकिस्तान सहित कई देशों ने इस संभावित समझौते का स्वागत करते हुए इसे पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

हालांकि, डिजिटल हस्ताक्षर, 14 सूत्रीय मसौदे और 28 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़े दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। समझौते के औपचारिक दस्तावेज जारी होने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।