बालाघाट में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, चार पंचायतों का संपर्क टूटा; समरिया नाले की पुलिया क्षतिग्रस्त

बालाघाट में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, चार पंचायतों का संपर्क टूटा; समरिया नाले की पुलिया क्षतिग्रस्त

संजय सरोवर का जलस्तर 519.38 मीटर पहुंचा, भीमगढ़ जलाशय के दो गेट खोले गए; वैनगंगा में बढ़ा पानी

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। गुरुवार से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार और शनिवार को भी जारी रहा। रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई स्थानों पर नालों के उफान पर आने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है।

बैहर विधानसभा क्षेत्र में समरिया से गढ़ी मार्ग पर बिलाईखार के पास स्थित समरिया नाला तेज बहाव के साथ उफान पर है। नाले में पानी बढ़ने के कारण यहां बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। स्थिति के चलते आसपास की कई पंचायतों और गांवों का गढ़ी तथा बैहर से संपर्क प्रभावित हुआ है। नाले के तेज बहाव को देखते हुए लोगों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।

समरिया नाले में बढ़ा पानी, रास्ता हुआ प्रभावित

समरिया से गढ़ी जाने वाले मार्ग पर बिलाईखार के नजदीक समरिया नाला शुक्रवार शाम से ही उफान पर है। लगातार बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। पानी बढ़ने के साथ पुलिया को भी नुकसान पहुंचा है।

नाले में तेज बहाव होने के कारण ग्रामीणों के लिए इस मार्ग से आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय स्तर पर रास्ते की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पानी कम होने तक इस मार्ग से आवाजाही करना जोखिम भरा हो सकता है।

कई पंचायतों के लोगों का आवागमन प्रभावित

समरिया नाले में पानी बढ़ने का सीधा असर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ा है। जैतपुरी, मोहरई, समरिया, धीरी और बिलाईखार क्षेत्र से गढ़ी और बैहर की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इन गांवों के लोगों का दैनिक कामकाज, बाजार तक पहुंच और अन्य जरूरी आवागमन इसी मार्ग से जुड़ा हुआ है। नाला उफान पर होने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पानी अधिक होने के दौरान ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ी

समरिया और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी गढ़ी और बैहर के स्कूल-कॉलेज जाते हैं। नाले में पानी बढ़ने के कारण विद्यार्थियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

तेज बहाव के दौरान पुलिया और नाले को पार करना विद्यार्थियों तथा अन्य ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में आवागमन सामान्य होने में समय लग सकता है।

गढ़ी पंचायत में तीन कच्चे मकान गिरे

लगातार बारिश का असर गढ़ी पंचायत क्षेत्र में मकानों पर भी पड़ा है। बारिश के कारण तीन कच्चे मकान धराशायी हो गए। लगातार पानी गिरने से कच्चे मकानों की दीवारों और छतों में नमी बढ़ने से उनके कमजोर होने का खतरा बना रहता है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मकान गिरने की इन घटनाओं में किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि बारिश जारी रहने के कारण ग्रामीण इलाकों में कमजोर और कच्चे मकानों को लेकर चिंता बनी हुई है।

हालौन नदी और दूसरे नालों में भी बढ़ा जलस्तर

गढ़ी क्षेत्र में गुरुवार से लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण हालौन नदी समेत आसपास के कई छोटे-बड़े नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। लगातार पानी आने से नदी-नालों में बहाव पहले की तुलना में तेज हो गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को पानी के बढ़ते स्तर के कारण परेशानी हो रही है। बारिश की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत बनी हुई है।

संजय सरोवर परियोजना का जलस्तर 519.38 मीटर पहुंचा

जिले में लगातार बारिश के बीच संजय सरोवर परियोजना के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। जलाशय का जलस्तर 519.38 मीटर तक पहुंच गया है। जलाशय में लगातार पानी की आवक को देखते हुए जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पानी बाहर छोड़ा जा रहा है।

जलाशय से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी वैनगंगा नदी में पहुंच रहा है। इसके कारण नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से जलाशय और नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

भीमगढ़ जलाशय के दो गेट खोले गए

वैनगंगा नदी पर स्थित भीमगढ़ जलाशय में भी बारिश के कारण पानी की आवक बढ़ी है। जलाशय के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए दो गेट खोले गए हैं। गेट खुलने के बाद वैनगंगा नदी में पानी का प्रवाह बढ़ गया है।

बारिश और जलाशय से पानी छोड़े जाने का संयुक्त असर नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी हो गया है।

बारिश ने ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी बिगाड़ी

लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर भी पानी जमा होने और कीचड़ की स्थिति बन रही है। जिन रास्तों से पहले सामान्य रूप से आवागमन हो रहा था, वहां अब पानी और तेज बहाव के कारण परेशानी बढ़ गई है।

खासकर नदी-नालों पर बनी छोटी पुलिया और रपटे लगातार बारिश में अधिक प्रभावित होते हैं। समरिया नाले की पुलिया क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के लोगों के सामने आवागमन की अतिरिक्त समस्या खड़ी हो गई है।

जलस्तर बढ़ने के साथ बढ़ी सावधानी की जरूरत

बारिश के दौरान नदी-नालों में पानी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में ग्रामीणों और वाहन चालकों के लिए उफनते नाले या पुलिया को पार करना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर तेज बहाव वाले स्थानों पर पानी कम होने का इंतजार करना जरूरी है।

संजय सरोवर और भीमगढ़ जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण वैनगंगा नदी के जलस्तर में बदलाव हो रहा है। इसलिए नदी और जलाशय के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।

प्रशासन की निगरानी में स्थिति

बालाघाट जिले में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों और जलाशयों की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित होने के कारण स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

फिलहाल सबसे अधिक असर समरिया से गढ़ी मार्ग पर बिलाईखार के पास देखने को मिल रहा है, जहां समरिया नाला उफान पर है। बारिश का दौर जारी रहने पर नदी-नालों के जलस्तर में और बदलाव हो सकता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।