सलमान खान बोले- मेरे बच्चे जरूर होंगे:शादी के फैसले पर भी बात की, संजय दत्त ने कहा- हमें भी गोद में छोटा सलमान चाहिए

सलमान खान बोले- मेरे बच्चे जरूर होंगे:शादी के फैसले पर भी बात की, संजय दत्त ने कहा- हमें भी गोद में छोटा सलमान चाहिए

सलमान खान बोले- मेरे बच्चे जरूर होंगे, शादी न करने के फैसले पर भी की बात

‘कॉफी विद करण 9’ में सलमान ने निजी जिंदगी के राज खोले, संजय दत्त बोले- हमें भी गोद में छोटा सलमान चाहिए

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपनी शादी, पिता बनने की इच्छा और निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात की है। करण जौहर के चैट शो ‘कॉफी विद करण 9’ के पहले एपिसोड में सलमान ने कहा कि भविष्य में उनके बच्चे जरूर होंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि शादी न करने के फैसले के लिए वह किसी दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं मानते। शो में अभिनेत्री करिश्मा कपूर भी मौजूद थीं, जबकि संजय दत्त का एक वीडियो संदेश भी दिखाया गया।

शादी न करने के फैसले पर क्या बोले सलमान?

करण जौहर ने बातचीत के दौरान सलमान से पिता बनने की इच्छा के बारे में सवाल किया। इस पर अभिनेता ने कहा कि किसी न किसी समय उनके बच्चे जरूर होंगे। उन्होंने करण जौहर के बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनके लिए खुश हैं और उन्हें पिता बनने का अनुभव मिला है।

शादी के विषय पर सलमान ने कहा कि किसी ने करण को शादी करने से नहीं रोका और न ही उन्हें किसी ने रोका। उनके मुताबिक, दोनों ने अपने-अपने फैसले खुद लिए हैं। सलमान ने कहा कि वह अपनी जिंदगी के फैसलों के लिए किसी को दोष नहीं दे सकते और अपने निर्णय से खुश हैं। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि उनके बच्चे जरूर होंगे।

‘मैं वर्जिन हूं’ वाले बयान पर दी सफाई

शो में करण जौहर ने सलमान से उनके करीब 13 साल पुराने ‘मैं वर्जिन हूं’ वाले बयान के बारे में भी पूछा। सलमान ने बताया कि वह अपनी निजी जिंदगी के बारे में सार्वजनिक रूप से बात नहीं करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि किसी रिश्ते के बारे में सबके सामने बोलते समय यह निश्चित नहीं होता कि संबंधित व्यक्ति भविष्य में भी आपकी जिंदगी का हिस्सा रहेगा या नहीं।

सलमान ने अपने पिता सलीम खान की सीख का जिक्र करते हुए कहा कि निजी जिंदगी को निजी ही रखना चाहिए। उन्होंने इसे बेडरूम और लिविंग रूम के उदाहरण से समझाया। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में कई बातें साझा की जा सकती हैं, लेकिन निजी जिंदगी की हर बात दुनिया के सामने रखना जरूरी नहीं है।

संजय दत्त बोले- गोद में छोटा सलमान चाहिए

शो के दौरान संजय दत्त का एक वीडियो संदेश दिखाया गया, जिसमें उन्होंने सलमान के प्रति अपना लगाव जाहिर किया। संजय ने कहा कि सलमान को बच्चों से बहुत प्यार है और वह चाहते हैं कि सलमान की जिंदगी में भी बच्चे आएं, ताकि उनकी गोद में एक छोटा सलमान हो।

संजय दत्त ने मजाकिया अंदाज में शादी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शादीशुदा लोग पहले से ही फंसे हुए हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि सलमान अपनी जिंदगी में सेटल हों। वीडियो के अंत में संजय ने सलमान के प्रति प्यार जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा सलमान पर गर्व रहेगा।

अपनी जिंदगी पर बायोपिक नहीं चाहते सलमान

शो के रैपिड फायर राउंड में करिश्मा कपूर ने सलमान से पूछा कि अगर उनकी जिंदगी पर बायोपिक बनाई जाए, तो वह किस निर्देशक को चुनेंगे। जवाब में सलमान ने सूरज बड़जात्या, कबीर खान, संजय लीला भंसाली और डेविड धवन के नाम लिए।

सलमान ने कहा कि कॉमेडी फिल्म के लिए डेविड धवन, पारंपरिक और दर्दभरी प्रेम कहानी के लिए संजय लीला भंसाली, खूबसूरत प्रेम कहानियों के लिए सूरज बड़जात्या और एक्शन से भरपूर प्रेम कहानी के लिए कबीर खान उपयुक्त रहेंगे।

हालांकि, इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जिंदगी पर बायोपिक नहीं बनेगी। सलमान ने कहा, “मेरी जिंदगी मेरी कब्र तक जाएगी।” उनके इस बयान से साफ हुआ कि वह अपनी निजी जिंदगी को पर्दे पर दिखाने के पक्ष में नहीं हैं।

कमरे में किसी की मौजूदगी महसूस होने का किया जिक्र

बातचीत के दौरान सलमान ने अपने पुराने कमरे से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें अक्सर कमरे में किसी की मौजूदगी महसूस होती थी, हालांकि उन्होंने उस व्यक्ति या मौजूदगी को कभी देखा नहीं था। सलमान के मुताबिक, कई बार अलमारी अपने आप खुल जाती थी, लाइटें जलने-बुझने लगती थीं और अचानक म्यूजिक बजने लगता था।

करण जौहर ने ‘कुछ कुछ होता है’ की कहानी सुनाने के लिए सलमान के घर जाने का किस्सा याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय सलमान का कमरा काफी छोटा था। इसी बातचीत के दौरान सलमान ने कहा कि वह उस कमरे में कभी खुद को पूरी तरह अकेला महसूस नहीं करते थे।

करण ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें वहां भूत-प्रेत होने का एहसास होता था। सलमान ने जवाब दिया कि उन्हें भूत-प्रेत नहीं, बल्कि किसी की मौजूदगी महसूस होती थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कभी इससे डर नहीं लगा, क्योंकि उस मौजूदगी ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।