हूती विद्रोहियों का यमन और सऊदी अरब पर बड़ा हमला: मिसाइल-ड्रोन हमलों में दर्जनों की मौत, नजरान में 11 घायल

हूती विद्रोहियों का यमन और सऊदी अरब पर बड़ा हमला: मिसाइल-ड्रोन हमलों में दर्जनों की मौत, नजरान में 11 घायल

यमन में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, सऊदी अरब के नजरान में भी हमला; बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच हालात गंभीर

 ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन और सऊदी अरब में एक साथ हमले किए हैं। इन हमलों में यमन के सरकारी बलों के कई सैनिकों की मौत हुई है, जबकि सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में 11 नागरिक घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हूतियों ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

यमन में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला

रिपोर्ट्स के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने यमन के मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकारी बलों से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमला किया। हमले में बड़ी संख्या में सैनिकों के हताहत होने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 58 तक बताई गई है, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में कम संख्या में मौतों की पुष्टि हुई थी।

यमन के अधिकारियों ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसका जवाब उचित समय और स्थान पर दिया जाएगा। यह हमला 2022 के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सबसे गंभीर घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

सऊदी अरब के नजरान में 11 नागरिक घायल

हूती हमलों का असर सऊदी अरब तक भी पहुंचा। सऊदी सेना के अनुसार, दक्षिणी क्षेत्र नजरान में हुए हमले में 11 नागरिक घायल हुए हैं। घायलों में सऊदी नागरिकों के अलावा यमन, मिस्र और पाकिस्तान के नागरिक भी शामिल हैं। एक 4 साल का बच्चा भी घायल हुआ है।

हमले के बाद नजरान के कई इलाकों में आग लगने की सूचना मिली। राहत और दमकल टीमों को मौके पर भेजा गया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

हूती विद्रोहियों ने क्यों तेज किए हमले?

यमन के हूती विद्रोही संगठन अंसार अल्लाह लंबे समय से यमन की सरकार और सऊदी समर्थित गठबंधन के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। 2014 में हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद यमन में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।

अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का आरोप है कि ईरान हूतियों को हथियार, ड्रोन और मिसाइल तकनीक उपलब्ध कराता है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ हूती गतिविधियों में भी तेजी देखी जा रही है।

मध्य-पूर्व में बढ़ रहा तनाव

यमन और सऊदी अरब पर हुए हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब मध्य-पूर्व में अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि हूती हमले क्षेत्रीय संघर्ष को और व्यापक बना सकते हैं।

इसके अलावा लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और तेल परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

आगे क्या होगा?

यमन में हुए हमलों के बाद सरकार और सहयोगी देशों की ओर से जवाबी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि यह तनाव सीमित संघर्ष तक रहता है या पूरे पश्चिम एशिया में बड़े संकट का रूप लेता है।