रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने जड़े नाबाद 400 रन: 78 साल बाद भारतीय क्रिकेट में दोहराया ऐतिहासिक कारनामा, पृथ्वी शॉ का रिकॉर्ड भी तोड़ा

रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने जड़े नाबाद 400 रन: 78 साल बाद भारतीय क्रिकेट में दोहराया ऐतिहासिक कारनामा, पृथ्वी शॉ का रिकॉर्ड भी तोड़ा

रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने जड़े नाबाद 400 रन: 78 साल बाद भारतीय क्रिकेट में दोहराया ऐतिहासिक कारनामा, पृथ्वी शॉ का रिकॉर्ड भी तोड़ा

517 गेंदों में बनाए नाबाद 400 रन

मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने रणजी ट्रॉफी में इतिहास रच दिया है। नागालैंड के खिलाफ दीमापुर में खेले जा रहे मुकाबले में उन्होंने 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 46 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। चिन्मय प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले 1948 में महाराष्ट्र के बाबासाहेब निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।

रणजी ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ का रिकॉर्ड पीछे छूटा

चिन्मय सुतार की यह पारी रणजी ट्रॉफी के इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में शामिल हो गई है। उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। नागालैंड के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी ने मिजोरम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। चिन्मय ने एक छोर संभालकर रखा और लगातार रन बनाते हुए अपना दोहरा शतक, तिहरा शतक और फिर 400 रन पूरे किए।

आखिरी विकेट के लिए हुई 189 रन की साझेदारी

मिजोरम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। लालरुआइजेला ने 31 रन और मनेंद्र सिंह ने 27 रन बनाए, जबकि अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। चिन्मय ने विकेटकीपर जेहु एंडरसन के साथ 168 रन की साझेदारी की। एंडरसन ने 151 गेंदों पर 69 रन बनाए। इसके बाद नागालैंड के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए मिजोरम का स्कोर 314/4 से 392/9 तक पहुंचा दिया।

नौ विकेट गिरने के बाद भी नहीं रुके चिन्मय

नौ विकेट गिरने के बाद चिन्मय को आखिरी बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक का साथ मिला। दोनों ने दसवें विकेट के लिए नाबाद 189 रन जोड़ दिए। छकछुआक ने 76 गेंदों पर 14 रन बनाए, जबकि चिन्मय ने अपनी ऐतिहासिक पारी जारी रखी। इस साझेदारी ने मिजोरम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। टीम ने 581/9 के स्कोर पर अपनी पहली पारी घोषित कर दी।

दूसरे प्रथम श्रेणी मैच में ही बनाया बड़ा रिकॉर्ड

चिन्मय सुतार ने अपने प्रथम श्रेणी करियर के दूसरे मैच में ही 400 रन की पारी खेली। 2026-27 सीजन से पहले उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर मिजोरम की टीम जॉइन की थी। मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए थे। हालांकि, उस मुकाबले में मिजोरम को 3 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।

मुंबई के लिए भी खेल चुके हैं चिन्मय

चिन्मय इससे पहले मुंबई की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी में खेल चुके हैं। जून में उन्होंने मुंबई टी-20 लीग में मराठा रॉयल्स को खिताब बचाने में मदद की थी। इस टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार दो अर्धशतक लगाए और छह पारियों में 212 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट करीब 120 रहा। अब रणजी ट्रॉफी में 400 रन की पारी के बाद उनका नाम भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट के ऐतिहासिक रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।

बाबासाहेब निंबालकर के नाम अब भी सबसे बड़ी भारतीय पारी

भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड बाबासाहेब निंबालकर के नाम है। दिसंबर 1948 में उन्होंने महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। उनकी पारी में 49 चौके और एक छक्का शामिल था। उस मैच में महाराष्ट्र ने 826/4 रन बनाए थे। निंबालकर उस समय डॉन ब्रैडमैन के 452 रन के प्रथम श्रेणी विश्व रिकॉर्ड से करीब पहुंचे थे, लेकिन काठियावाड़ की टीम के मैदान पर वापस नहीं उतरने के कारण उन्हें रिकॉर्ड तोड़ने का मौका नहीं मिल पाया।