Gold Price: वैश्विक अनिश्चितता और व्यापार युद्ध की आशंकाओं का असर

वैश्विक व्यापार युद्ध और अमेरिकी मौद्रिक नीति की अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, MCX पर अगस्त अनुबंध 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम को छूआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,504.12 डॉलर प्रति औंस के शिखर पर पहुंचा। ट्रंप की फेडरल रिजर्व नीतियों में बदलाव की योजना और डॉलर इंडेक्स के निचले स्तर ने सोने की मांग को बढ़ाया।

Gold Price: वैश्विक अनिश्चितता और व्यापार युद्ध की आशंकाओं का असर

मंगलवार को सोने की कीमतों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई ऊंचाइयों को छुआ, क्योंकि वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाओं और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा अनुबंधों ने ऐतिहासिक स्तर छूते हुए पहली बार 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया। 

MCX पर अगस्त डिलीवरी अनुबंध 2,050 रुपये (2.1%) की तेजी के साथ 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। इसी तरह, अक्टूबर अनुबंध 2,020 रुपये (2.05%) उछलकर 1,00,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर बंद हुआ। जून डिलीवरी अनुबंध भी 2,080 रुपये (2.15%) की बढ़त के साथ 99,360 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी

वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतें 3,504.12 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचीं। बाद में यह 65.50 डॉलर (1.92%) की बढ़त के साथ 3,490.80 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर हुई। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व की नीतियों में बदलाव के संकेत और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव बढ़ने से सोने की मांग में तेजी आई है। 

ट्रंप और फेडरल रिजर्व के बीच तनातनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग की है। उनका कहना है कि ब्याज दरों में कमी नहीं होने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हाल ही में कहा था कि नए टैरिफ और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है। ट्रंप प्रशासन द्वारा पॉवेल को हटाने की संभावनाओं पर विचार की खबरों ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। 

विश्लेषकों की राय

कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल मेहता ने कहा, "वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की आशंकाएं और डॉलर इंडेक्स के तीन साल के निचले स्तर पर पहुंचने से सोने की कीमतों में यह उछाल देखने को मिला। सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।" उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि अगर अनिश्चितता बनी रही तो सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। 

बाजार में उतार-चढ़ाव

सोने की कीमतों में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। निवेशक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने को सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प मान रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में व्यापार युद्ध और मौद्रिक नीति से जुड़े घटनाक्रम सोने की कीमतों को और प्रभावित कर सकते हैं।