श्रीनगर: पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों से मिले गृह मंत्री अमित शाह, कड़ी कार्रवाई का आश्वासन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों से श्रीनगर में मुलाकात की और कड़ी कार्रवाई का वादा किया। हमले में 26 लोगों की मौत हुई, जिसमें दो विदेशी और एक नौसेना अधिकारी शामिल थे। सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को मार गिराया, जांच और तलाश...

श्रीनगर: पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों से मिले गृह मंत्री अमित शाह, कड़ी कार्रवाई का आश्वासन

श्रीनगर, 23 अप्रैल 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दुखद घटना में 26 लोगों की जान गई थी, जिसमें दो विदेशी नागरिक और एक नौसेना अधिकारी भी शामिल थे। शाह ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हमले के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का वादा किया।

मंगलवार, 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। आतंकियों ने पर्यटकों के एक समूह पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 20 से अधिक लोग घायल भी हुए। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन 'द रजिस्टेंट फ्रंट' ने ली है। सूत्रों के अनुसार, चार आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया, जिसमें तीन पाकिस्तानी और एक स्थानीय कश्मीरी शामिल थे।

गृह मंत्री का श्रीनगर दौरा और उच्चस्तरीय बैठक

घटना की सूचना मिलते ही अमित शाह ने दिल्ली में एक आपातकालीन बैठक बुलाई और इसके बाद श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। श्रीनगर में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने पर चर्चा हुई। 
पुलिस नियंत्रण कक्ष में शाह ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और उनके ताबूतों पर पुष्पचक्र अर्पित किया। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। शाह ने कहा, "इस कायराना हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हम दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देंगे।"

प्रधानमंत्री मोदी का कड़ा रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो उस समय सऊदी अरब के दौरे पर थे, ने अपनी यात्रा बीच में ही समाप्त कर दिल्ली लौटने का फैसला किया। दिल्ली हवाई अड्डे पर उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। मोदी ने सोशल मीडिया पर हमले की निंदा करते हुए कहा, "यह जघन्य कृत्य मानवता के खिलाफ है। दोषियों को कठोर दंड दिया जाएगा।"

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

हमले की निंदा करने वालों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने शाह, अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक कर्रा से बात कर स्थिति की जानकारी ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ईरान, रूस, यूएई और इटली जैसे देशों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की।

सुरक्षा बलों का अभियान और जांच

हमले के बाद सुरक्षा बलों ने बैसरन घाटी और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। अब तक दो आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को इस हमले की जांच सौंपी गई है। खुफिया सूत्रों का मानना है कि इस हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी हाथ हो सकता है। 

पर्यटकों में दहशत, उड़ानों की व्यवस्था

हमले के बाद पहलगाम और श्रीनगर में पर्यटकों के बीच दहशत का माहौल है। कई पर्यटक क्षेत्र छोड़कर जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया और इंडिगो ने श्रीनगर से दिल्ली और मुंबई के लिए चार अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था की है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर (0194-2457543, 0194-2483651) भी जारी किए हैं।