आंबेडकर जयंती पर दलित युवकों की पिटाई, दिए करंट के झटके, अब राज़ीनामे का दबाव
पीड़ित अभिषेक और विनोद 17 तारीख़ को भीलवाड़ा पहुंचे. यहां उन्होंने अपने परिवार के साथ गुलाबपुरा पुलिस थाने पहुंच कर एफ़आईआर दर्ज करवाई है.पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के छोटू और मुकेश के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की. आरोप है की मज़दूरी मांगने पर उनको बंधक बनाया.
मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा से हैं. जहाँ पीड़ित अभिषेक और विनोद 17 तारीख़ को भीलवाड़ा पहुंचे और उनका कहना है
"मज़दूरी मांगने पर हमें बंधक बनाया. हमें निर्वस्त्र कर हमारे निजी अंगों पर चोट मारी गई, प्लास से हमारे पैरों के नाखून खींचे गए, दर्द से चिल्लाए तो बिजली के झटके दिए गए. एक बार तो लगा था हम ज़िंदा नहीं बचेंगे…अब हमारे ऊपर राज़ीनामे का दबाव बनाया जा रहा है."
पुलिस ने पांच अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की है. पीड़ित युवक अभिषेक और विनोद ने कोर्ट में बयान भी दिया है. लेकिन पीड़ितों का कहना है कि अब उन पर मुक़दमा वापस लेने और राज़ीनामे पर सहमत होने का दबाव डाला जा रहा है.
पीड़ित युवक अभिषेक के पिता मुकेश मेघवंशी का कहना हैं की, "घटना के बाद से ही हम डर में जी रहे हैं. मैं ट्रक पर ड्राइविंग की नौकरी करता हूं. लेकिन, घटना के बाद से ही घर पर हूं."
उन्होंने आरोप लगाया, "वो लोग पैसा देकर राज़ीनामा करने का दबाव बना रहे हैं. उन लोगों ने मेरे बड़े भाई को राज़ीनामे के लिए कहा था. लेकिन, हम न्याय चाहते हैं."
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