22 Years of Parliament Attack:संसद हमले की 22वीं बरसी,पीएम मोदी ने वीर सैनिकों के बलिदान को याद कर अर्पित की श्रद्धांजलि
22 Years of Parliament Attack:संसद हमले की 22वीं बरसी,पीएम मोदी ने वीर सैनिकों के बलिदान को याद कर अर्पित की श्रद्धांजलि
22 Years of Parliament Attack: 22 साल पहले, 13 दिसंबर 2001 को, भारतीय संसद भवन पर हुए आतंकी हमले की आज 22वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों को संवेदनशील भावना के साथ याद किया। इस दिन, जब शीतकालीन सत्र चल रहा था, पाकिस्तान से आए पांच आतंकवादी ने संसद भवन पर गोलीबारी की थी, जिसमें कई वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
इस हमले में देश के 9 वीर सपूतों ने बलिदान दिया था। इन जवानों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उनके संसद भवन में घुसने के इरादे को नाकाम कर दिया था। हमला उस वक्त हुआ जब संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान तमाम विपक्षी सांसदों के हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित की गई थी। उसी समय गोलियों को गड़गड़ाहट से संसद परिसर गूंज उठा।
हमले के वक्त संसद में कई सांसद और मंत्री मौजूद थे। हमले के दौरान तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत करीब 200 सांसद संसद परिसर में मौजूद थे। सुरक्षाकर्मियों ने हमला होते ही उन्हें कमरे में भेजकर सुरक्षित कर दिया था। आतंकी संसद परिसर में भारत को सबसे बड़ा जख्म देने की फिराक में थे लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उनके मंसूबे को नाकाम कर दिया।
संसद हमले की 22वीं बरसी पर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, और अन्य नेताओं ने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री ने इस पूरी दुखद घटना के पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और हमले में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद भवन में शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने जवानों के शौर्य और बलिदान की सराहना की। और उनके परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले के दौरान जिन जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए समर्पित रूप से काम किया, उनकी बहादुरी को हमेशा याद किया जाएगा।
Newsdesk