हापुड़ में व्यापारी के घर 45 मिनट तक डकैतों का तांडव, परिवार को बंधक बनाकर लाखों की लूट
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सोमवार देर रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। शहर के पॉश इलाके गढ़ रोड स्थित सीएचसी के सामने रहने वाले प्रमुख व्यापारी और उद्योगपति नरेंद्र कबाड़ी के घर चार हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर में घुसते ही परिवार को गन प्वाइंट पर ले लिया और सभी को बंधक बनाकर करीब 45 मिनट तक घर के भीतर पूरी तरह से आतंक मचा दिया।
जानकारी के अनुसार, बदमाश पहले से ही इलाके की रेकी करके आए थे और वारदात को पूरी तरह सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। घर में घुसते ही उन्होंने सबसे पहले परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया और किसी भी तरह के विरोध या शोर-शराबे की संभावना को खत्म कर दिया। इसके बाद पूरे घर को खंगालते हुए बदमाशों ने अलमारियों, लॉकर और अन्य स्थानों की तलाशी ली।
इस दौरान बदमाशों ने परिवार को लगातार धमकाते हुए सोने-चांदी के जेवरात और नकदी की मांग की। डर और दहशत के माहौल में परिवार पूरी तरह से असहाय नजर आया। करीब 45 मिनट तक चले इस आतंक के दौरान बदमाशों ने डेढ़ किलो सोने के आभूषण, दस लाख रुपये से अधिक की नकदी, घर में लगा सीसीटीवी डीवीआर और एक बाइक लूट ली। जाते-जाते बदमाशों ने परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बदमाश इतने आराम से वारदात को अंजाम देते रहे कि उन्हें किसी बाहरी हस्तक्षेप का कोई डर नहीं था। वारदात के दौरान उन्होंने घर के सीसीटीवी सिस्टम को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और डीवीआर अपने साथ ले गए ताकि कोई सबूत न बच सके। पूरी घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि सबूत जुटाए जा सकें।
पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित डकैती लग रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, इस वारदात के बाद इलाके के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और रात की गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिहायशी और पॉश इलाकों में भी अपराधी कितनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो सकते हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
news desk MPcg