कांग्रेस का चुनावी तैयारी पर जोर, 15 जून को होगी विधायक दल की बैठक
बिहार में कांग्रेस की नई रणनीति: जनता से संवाद और जमीनी मुद्दों पर फोकस, 15 जून को विधायक दल की बैठक
पटना
बिहार में तीन दशकों से कमजोर होती चली आ रही कांग्रेस अब अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए सक्रिय हो गई है। पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए पार्टी ने अब जनता से सीधा संवाद और जमीनी मुद्दों पर मुखरता को अपनी नई रणनीति का हिस्सा बनाया है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है।
जन सरोकार से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस आक्रामक
कांग्रेस अब बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अभ्यर्थियों की समस्याओं, युवाओं के पलायन, रोजगार के अभाव और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली जैसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रही है। पार्टी नेतृत्व मान रहा है कि इन मुद्दों पर खुलकर बात करके वह जनता के करीब आ सकती है।
15 जून को विधायक दल की अहम बैठक
इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस ने 15 जून को पटना में विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावारू भी मौजूद रहेंगे।
बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी।
ज्वलंत जनहित मुद्दों की समीक्षा और उन पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
चरणबद्ध राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
महागठबंधन में तालमेल को लेकर भी होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक महागठबंधन की हालिया बैठक के बाद बुलाई गई है। इसमें कांग्रेस उन सीटों की पहचान करेगी जहां वह मजबूत स्थिति में है। इन सीटों की सूची तैयार कर महागठबंधन की समन्वय समिति को सौंपने की योजना है, ताकि सीट बंटवारे के दौरान कांग्रेस को उसका वाजिब हिस्सा मिल सके।
राज्य में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी , पार्टी ने अपने सभी विधायकों, विधान पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं को बैठक का पूर्व सूचना भेज दी है। इसके साथ ही कांग्रेस अब जन आंदोलन, संपर्क अभियान और मीडिया संवाद के ज़रिए बिहार में अपनी उपस्थिति फिर से दर्ज कराने की कोशिश में है।
बिहार में कांग्रेस अब सिर्फ चुनावी गठबंधन पर नहीं, बल्कि स्वयं की सांगठनिक ताकत और जनसरोकार के मुद्दों पर भरोसा करके आगे बढ़ने की रणनीति अपना रही है। देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह सक्रियता उसे कितनी राजनीतिक जमीन वापस दिला पाती है।
news desk MPcg