पैनासोनिक भारत से हटेगा रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन बिजनेस से, कर्मचारियों पर छंटनी का खतरा

पैनासोनिक भारत से हटेगा रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन बिजनेस से, कर्मचारियों पर छंटनी का खतरा

पैनासोनिक का भारत में रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के कारोबार से निकलना एक बड़ा आर्थिक और सामाजिक खबर है। इससे हरियाणा के झज्जर प्लांट में काम कर रहे सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में हैं।

बाजार से पीछे हटने की वजह क्या है?

पैनासोनिक को भारत में रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के सेगमेंट में LG, Samsung, और Haier जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की बाजार हिस्सेदारी सिर्फ 1-3% तक सीमित थी, जो लंबे समय तक कारोबार के लिए ठीक नहीं थी।

अब कंपनी का फोकस नए क्षेत्रों पर

पैनासोनिक के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी अपनी वैश्विक रणनीति और बदलती मार्केट की मांगों के हिसाब से भारत में अपने ऑपरेशंस को फिर से व्यवस्थित कर रही है। अब वह होम ऑटोमेशन, हीटिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग (HVAC), B2B सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल्स और एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे नए क्षेत्रों पर ध्यान देगी। कंपनी ने यह भी कहा कि वह डीलर्स की इन्वेंट्री खत्म करने में मदद करेगी और ग्राहकों को सर्विस, पार्ट्स और वारंटी जारी रहेगी।

झज्जर प्लांट अब कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए

पैनासोनिक के झज्जर प्लांट की उत्पादन क्षमता पहले सालाना 4.5 लाख एयर कंडीशनर, 3 लाख वॉशिंग मशीन और 5 लाख रेफ्रिजरेटर थी। अब यह प्लांट अन्य ब्रांड्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में कंपनी टीवी और एयर कंडीशनर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी, जो इसके कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का मुख्य हिस्सा होंगे।

वैश्विक स्तर पर भी हो रही हैं बड़ी छंटनियां

भारत में यह कदम पैनासोनिक की वैश्विक पुनर्गठन योजना का हिस्सा है, जिसमें कंपनी दुनिया भर में करीब 10,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। इनमें से 5,000 जापान में और 5,000 अन्य देशों में होंगे। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 4% है। पैनासोनिक का लक्ष्य इस पुनर्गठन के जरिए मार्च 2027 तक $1 अरब और मार्च 2029 तक $2.1 अरब तक का लाभ कमाना है।