"खेत-तालाब और अमृत सरोवर योजनाओं से 1.67 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में होगी सिंचाई, किसानों के चेहरों पर लौटेगी मुस्कान।"
भोपाल: जल गंगा संवर्धन अभियान से प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ा, खेत-तालाब और अमृत सरोवर बन रहे किसानों की उम्मीद
प्रदेश के किसानों को भरपूर सिंचाई जल उपलब्ध हो और सिंचाई के रकबे में वृद्धि हो, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मनरेगा योजना से अब तक 84,930 खेत-तालाब और 1,283 अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है। इन जल संरचनाओं के माध्यम से प्रदेश में 1.67 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकेगी, जिससे किसानों के चेहरे पर फिर से रौनक लौटेगी।
यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा निर्धारित 65 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।
बारिश की हर बूंद होगी संरक्षित, पुराने जल स्रोतों को मिल रही नई ज़िंदगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रारंभ किए गए तीन माह के जल गंगा संवर्धन अभियान का असर अब ज़मीन पर नजर आने लगा है। प्रदेश में वर्षा जल के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। कई खेत-तालाबों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अमृत सरोवरों का निर्माण भी तेजी से जारी है।
जल स्तर बढ़ाने बनाए जा रहे 1 लाख से अधिक रिचार्ज पिट
पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए उपयोग में लाए जा रहे अनेक कुएं अब जलस्तर गिरने से संकट में आ गए हैं, कुछ पूरी तरह सूख भी चुके हैं। ऐसे में सरकार ने इन जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए 1 लाख 3 हजार से अधिक कूप रिचार्ज पिट बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे पार करते हुए अब तक 1,04,294 रिचार्ज पिट तैयार किए जा रहे हैं।
तकनीक से बन रहे जल संरचनाएं, दिखने लगे सकारात्मक परिणाम
इस बार जल गंगा संवर्धन अभियान में तकनीक आधारित योजना और क्रियान्वयन किया गया है। प्लानर सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्ययोजना बनी और सिपरी सॉफ्टवेयर से जल प्रवाह का वैज्ञानिक विश्लेषण कर निर्माण स्थलों का चयन हुआ। परिणामस्वरूप, पहली ही बारिश में खेत-तालाब पानी से लबालब हैं और कुएं भी रिचार्ज होने लगे हैं। इससे प्रदेश में जल प्रबंधन के क्षेत्र में नई शुरुआत हुई है।
जल गंगा संवर्धन में अग्रणी रहे ये जिले
मनरेगा योजना के तहत जल संरचनाएं बनाने में प्रदेश के टॉप 10 जिले रहे:
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खंडवा
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बालाघाट
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रायसेन
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उज्जैन
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छिंदवाड़ा
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बुरहानपुर
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राजगढ़
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अशोकनगर
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बैतूल
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मंडला
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