सिस्टम की छांव में पनपा ‘असलम चमड़ा’ का साम्राज्य, स्लॉटर हाउस घोटाले से हड़कंप

स्लॉटर हाउस अफसरों की मेहरबानी और सिस्टम की छांव में पनपा असलम चमड़ा का साम्राज्य
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1. स्लॉटर हाउस अफसरों की मेहरबानी और सिस्टम की छांव में पनपा असलम चमड़ा का साम्राज्य

भोपाल। राजधानी भोपाल में जिंसी के पास संचालित स्लॉटर हाउस को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। नगर निगम की अनुमति और कथित सहयोग से स्लॉटर हाउस चलाने वाले असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा पर गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, असलम चमड़ा आज करोड़ों की संपत्ति का मालिक है और उसका कारोबार 25–30 साल पहले मृत मवेशियों के चमड़े और हड्डियों के व्यापार से शुरू हुआ था।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि असलम पर स्लॉटर हाउस में बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों को काम पर रखने की शिकायतें राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तक पहुंचीं, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसके बयान के आधार पर जांच बंद कर दी। आरोप यह भी हैं कि नगर निगम के डॉक्टर से भैंस के मांस का प्रमाण पत्र बनवाकर वह गाय के मांस की सप्लाई मुंबई, हैदराबाद और अन्य स्थानों तक करता रहा।

8 जनवरी को सामने आई लैब रिपोर्ट में बजरंग दल द्वारा पकड़े गए कंटेनर में गौमांस की पुष्टि हुई, जबकि पहले इसे भैंस का मांस बताया गया था। इस खुलासे के बाद नगर निगम और स्लॉटर हाउस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, असलम चमड़ा ने नगर निगम के साथ कथित सांठगांठ कर स्लॉटर हाउस का संचालन किया और वेस्ट व मीट सप्लाई से बड़ा कारोबार खड़ा किया। वन विहार नेशनल पार्क में मांसाहारी जानवरों को मांस सप्लाई का ठेका भी उसी के पास था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है।

सूत्र बताते हैं कि असलम चमड़ा भोपाल और आसपास करीब तीन दर्जन संपत्तियों का मालिक है और पॉश इलाके में आलीशान बंगले में रहता है। पूरे मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।