Indore Dirty Water News | भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: 30 दिन में 29 मौतें, हाईकोर्ट सख्त
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इंदौर | भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: 30 दिन में 29 मौतें, हाईकोर्ट सख्त
देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर की भागीरथपुरा बस्ती में दूषित पानी लोगों की मौत का कारण बन गया है। मंगलवार को भागीरथपुरा निवासी खूबचंद (पिता गन्नूदास) की दूषित पानी से मौत हो गई। बुधवार को परिजनों ने अंत्येष्टि से पहले शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही इस बस्ती में दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या 29 हो चुकी है, जबकि तीन लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
बीते एक महीने से यह गंभीर मामला सामने होने के बावजूद अब तक पूरी बस्ती को साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। न ही अधिकारी यह स्पष्ट कर पाए हैं कि आखिर दूषित पानी से इतनी बड़ी संख्या में मौतें कैसे हुईं। 29 दिसंबर को एक साथ 20 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हुए थे। इसके बाद बीमारी का खुलासा हुआ और 30 दिसंबर को पहली मौत दर्ज की गई।
जांच में नगर निगम की भारी लापरवाही सामने आई है। बस्ती की पाइपलाइनें 30 साल से अधिक पुरानी और जर्जर हैं। नर्मदा जल आपूर्ति लाइन के ऊपर पुलिस चौकी का शौचालय बना दिया गया था, जिससे मल-मूत्र पानी में मिल रहा था। पूरी लाइन में 30 से ज्यादा लीकेज पाए गए, जिन्हें अब तक पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सका है।
मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने राज्य सरकार और नगर निगम की रिपोर्ट को अविश्वसनीय बताते हुए ‘आई-वॉश’ करार दिया। कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है। आयोग मौतों के कारण, जिम्मेदार अधिकारियों और मुआवजे पर रिपोर्ट देगा। अगली सुनवाई 5 मार्च 2026 को होगी।
news desk MPcg