गोरखपुर में नकली अफसरों का गैंग बेनकाब, सुनकर चौंक जाएंगे इनके कारनामे
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने ऐसे तीन शातिर ठगों का पर्दाफाश किया है, जिन्होंने खुद को IAS और IPS अधिकारी बताकर लोगों को करोड़ों का चूना लगाया, आलीशान जिंदगी जी और समाज में ऐसा रुतबा बनाया कि असली अधिकारी और पुलिसकर्मी भी धोखा खा गए।
इनमें एक फर्जी IAS ने करोड़ों रुपये की ठगी कर चार गर्लफ्रेंड बनाई, जबकि दूसरे नकली IAS ने खुद को अधिकारी बताकर एक संपन्न परिवार की लड़की से शादी तक कर ली। वहीं, एक निलंबित कर्मचारी ने IPS अफसर बनकर व्यापारियों से रंगदारी वसूलनी शुरू कर दी।
फर्जी IAS बनकर बनाई करोड़ों की संपत्ति, 4 गर्लफ्रेंड भी फंसाईं
बिहार के सीतामढ़ी निवासी ललित किशोर ने खुद को IAS अधिकारी बताकर ऐसा साम्राज्य खड़ा किया कि उसके साथ 8 गनरों का काफिला चलता था। लग्जरी गाड़ियां, आलीशान मकान और VIP ठाठ-बाट देखकर लोग उसे असली अधिकारी समझ बैठते थे।
आरोप है कि उसने ठेकेदारों को टेंडर दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये वसूले। इतना ही नहीं, चार युवतियों को अपने प्रेम जाल में फंसाया और उनमें से तीन के गर्भवती होने की भी चर्चा सामने आई।
हैरानी की बात यह है कि एक बार उसने कथित तौर पर एक SDM को थप्पड़ तक मार दिया, लेकिन सामने वाला उसे असली IAS समझकर चुप रहा।
सरकारी गाड़ी में पहुंचा, खुद को IAS बताया और कर ली शादी
इटावा के प्रीतम कुमार निषाद ने खुद को IAS अधिकारी बताकर गोरखपुर के एक संपन्न परिवार में रिश्ता तय कर लिया। शादी के कार्ड पर भी उसने अपने नाम के आगे IAS लिखवाया और कई नेताओं व अधिकारियों को निमंत्रण तक दे दिया।
सरकारी गाड़ी में बारात लेकर पहुंचे प्रीतम की असलियत तब सामने आई जब शादी के बाद लड़की पक्ष ने जांच करवाई। पता चला कि वह न तो IAS है और न ही किसी सरकारी सेवा में है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
निलंबित क्लर्क बना नकली IPS, व्यापारियों को देता था एनकाउंटर की धमकी
दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय का निलंबित कर्मचारी शनि शर्मा खुद को IPS अधिकारी बताकर व्यापारियों को फोन करता था। वह पुलिस वर्दी पहनकर फोटो खिंचवाता और सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था।
आरोप है कि वह व्यापारियों को फर्जी मुकदमों और एनकाउंटर की धमकी देकर लाखों रुपये की रंगदारी मांगता था। एक व्यापारी को शक होने पर पुलिस में शिकायत की गई, जिसके बाद पूरा खेल खुल गया।
जेल पहुंचते ही खत्म हुआ रुतबा
जो लोग कभी खुद को बड़े अफसर बताकर लोगों को डराते थे, आज वही जेल की सलाखों के पीछे हैं। जेल में बंद अपराधी अब उन्हें मजाक में "420 गुरु" कहकर बुलाते हैं।
गोरखपुर पुलिस की कार्रवाई ने न सिर्फ इन शातिर ठगों की नकली दुनिया को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि झूठे रुतबे और फर्जी पहचान के दम पर ज्यादा दिन तक कानून को धोखा नहीं दिया जा सकता।
news desk MPcg