आरा जंक्शन के विस्तार को मिलेगी रफ्तार: सिक लाइन शुरू, मालगोदाम हटाकर बनेंगे 2 नए प्लेटफॉर्म; CCTV से मजबूत होगी सुरक्षा

आरा जंक्शन के विस्तार को मिलेगी रफ्तार: सिक लाइन शुरू, मालगोदाम हटाकर बनेंगे 2 नए प्लेटफॉर्म; CCTV से मजबूत होगी सुरक्षा

सिक लाइन से कोचों की जांच और मरम्मत स्थानीय स्तर पर होगी, प्लेटफॉर्म 2-3 के ऊंचीकरण और रेलवे अस्पताल में पॉलीक्लिनिक का प्रस्ताव

 आरा जंक्शन को भविष्य की बढ़ती रेल यातायात जरूरतों के हिसाब से विकसित करने की दिशा में रेलवे ने कई अहम कदम आगे बढ़ाए हैं। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने सोमवार को आरा जंक्शन का निरीक्षण किया और सिक लाइन, आरपीएफ बैरक समेत विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया। रेलवे की योजनाओं में मालगोदाम को कुलहड़िया स्थानांतरित करने के बाद खाली होने वाली जगह पर दो नए प्लेटफॉर्म विकसित करना भी शामिल है।

सिक लाइन शुरू होने से कोचों की जांच में मिलेगी सुविधा

आरा जंक्शन पर तैयार की गई सिक लाइन का सबसे बड़ा फायदा ट्रेनों के कोचों के रखरखाव से जुड़ा है। सिक लाइन की सुविधा मिलने के बाद कोचों की जांच और जरूरी मरम्मत का काम स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।

रेलवे के अनुसार, आरा से वर्तमान में कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन होता है। परिचालन बढ़ने के साथ कोचों के रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधा की जरूरत महसूस की जा रही थी। सिक लाइन इसी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधा है।

इससे खराबी या तकनीकी जांच की स्थिति में कोचों को आवश्यक परीक्षण और मरम्मत के लिए दूसरे स्थानों पर भेजने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, किसी विशेष ट्रेन के परिचालन में इससे कितना बदलाव होगा, इसकी अलग से कोई समयसीमा या संख्या रेलवे की ओर से उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं बताई गई है।

मालगोदाम हटेगा, खाली जगह पर बनेंगे दो नए प्लेटफॉर्म

आरा जंक्शन के भविष्य के विस्तार के लिए मालगोदाम को कुलहड़िया स्थानांतरित करने की योजना महत्वपूर्ण है। मालगोदाम हटने के बाद जंक्शन परिसर में उपलब्ध होने वाली जगह का इस्तेमाल दो नए प्लेटफॉर्म बनाने के लिए किया जाएगा।

दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनने से जंक्शन पर ट्रेनों के ठहराव और परिचालन के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात को संभालने की क्षमता तैयार करना है।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इन दोनों प्लेटफॉर्म के निर्माण की लागत और निर्धारित पूर्णता तिथि का उल्लेख नहीं है। इसलिए इनसे जुड़ी कोई अनुमानित राशि या समयसीमा बताना उचित नहीं होगा।

प्लेटफॉर्म 2 और 3 का होगा ऊंचीकरण

यात्रियों की सुविधा के लिए आरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 को ऊंचा करने की योजना भी बताई गई है। प्लेटफॉर्म ऊंचे होने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसका लाभ विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को मिल सकता है। प्लेटफॉर्म की ऊंचाई में सुधार स्टेशन की यात्री सुविधाओं को बेहतर करने वाले बुनियादी कार्यों में शामिल है।

रेलवे अस्पताल में पॉलीक्लिनिक का प्रस्ताव

आरा जंक्शन स्थित रेलवे अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पॉलीक्लिनिक शुरू करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इसका उद्देश्य रेल कर्मचारियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पॉलीक्लिनिक की स्वीकृति, प्रस्तावित विभागों की संख्या या इसके लिए निर्धारित बजट की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित सुविधा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

आरपीएफ बैरक का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

आरा जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के लिए नए बैरक का भी उद्घाटन किया गया। इससे आरपीएफ कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलने की बात कही गई है।

महाप्रबंधक ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी ली। जंक्शन पर यात्रियों की संख्या और ट्रेनों के परिचालन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पूरे परिसर में CCTV से निगरानी मजबूत करने की तैयारी

यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरा जंक्शन के महत्वपूर्ण हिस्सों में CCTV कैमरों की निगरानी बढ़ाने की योजना है। इससे स्टेशन परिसर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और किसी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करने में सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिल सकती है।

CCTV नेटवर्क का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ किसी घटना की स्थिति में फुटेज के जरिए जांच में भी किया जा सकता है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में कैमरों की संख्या और स्थापना की अंतिम समयसीमा नहीं बताई गई है।

बढ़ते रेल परिचालन को देखते हुए विस्तार पर जोर

आरा जंक्शन पर किए जा रहे इन कार्यों का मुख्य फोकस स्टेशन की परिचालन क्षमता और यात्री सुविधाओं को मजबूत करना है। सिक लाइन से कोच रखरखाव की स्थानीय सुविधा मिलेगी, जबकि मालगोदाम हटने के बाद दो नए प्लेटफॉर्म बनाने की योजना भविष्य के विस्तार के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार करेगी।

इसके साथ प्लेटफॉर्म 2 और 3 का ऊंचीकरण, रेलवे अस्पताल में पॉलीक्लिनिक का प्रस्ताव, आरपीएफ बैरक और CCTV निगरानी जैसे कार्य स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों को मजबूत करने से जुड़े हैं।

पूर्व मध्य रेलवे के उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों में भी आरा समेत क्षेत्रीय रेल नेटवर्क के ट्रैक और परिचालन से जुड़े उन्नयन कार्यों का उल्लेख मिलता है। हालांकि, आरा जंक्शन की इस पूरी परियोजना की एकीकृत लागत या अंतिम समयसीमा इन उपलब्ध दस्तावेजों से स्पष्ट नहीं होती।

महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण

महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह सोमवार सुबह आरा जंक्शन पहुंचे। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।

इस दौरान पूर्व मध्य रेलवे और दानापुर रेल मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा रेलवे कर्मचारी मौजूद रहे। आरा जंक्शन पर चल रहे और प्रस्तावित कार्यों को लेकर अधिकारियों ने स्टेशन की मौजूदा जरूरतों तथा भविष्य के विस्तार से संबंधित जानकारी महाप्रबंधक के सामने रखी।

क्या-क्या होगा बदलाव?
सिक लाइन: कोचों की स्थानीय स्तर पर जांच और जरूरी मरम्मत।
दो नए प्लेटफॉर्म: मालगोदाम को कुलहड़िया शिफ्ट करने के बाद खाली जगह का इस्तेमाल।
प्लेटफॉर्म 2 और 3: यात्रियों की सुविधा के लिए ऊंचीकरण।
रेलवे अस्पताल: पॉलीक्लिनिक का प्रस्ताव।
आरपीएफ बैरक: सुरक्षा बल के कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधा।
CCTV निगरानी: स्टेशन परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी।