नैनीताल में 16 से 23 सितंबर तक नंदा देवी महोत्सव, उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं का दिखेगा भव्य स्वरूप
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां, स्थानीय उत्पादों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को मिलेगी प्राथमिकता
नैनीताल: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल नंदा देवी महोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नैनीताल में इस वर्ष यह ऐतिहासिक महोत्सव 16 सितंबर से 23 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, नगर पालिका और आयोजन समिति ने तैयारियों की शुरुआत कर दी है।
इस बार महोत्सव को पूरी तरह पारंपरिक और सांस्कृतिक स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि आयोजन में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही महोत्सव के दौरान तेज आवाज वाले संगीत और डीजे पर रोक रखने पर भी सहमति बनी है।
डीएम की अध्यक्षता में हुई तैयारी बैठक
नंदा देवी महोत्सव की तैयारियों को लेकर बुधवार को नैनीताल जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और आयोजन संस्था श्रीराम सेवक सभा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में महोत्सव के कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, बिजली-पानी की सुविधा और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक इंतजामों पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महोत्सव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने नगर पालिका को टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने और आयोजन स्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पारंपरिक संस्कृति को मिलेगा मंच
इस वर्ष नंदा देवी महोत्सव में उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति को प्रमुखता दी जाएगी। प्रशासन और आयोजन समिति ने तय किया है कि मेले में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनसे राज्य की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दे।
बैठक में सुझाव दिया गया कि महोत्सव के दौरान उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को शामिल किया जाए।
इनमें प्रमुख रूप से:
छोलिया नृत्य
रम्माण लोक परंपरा
लाखिया भूत की सांस्कृतिक प्रस्तुति
जैसे कार्यक्रमों को शामिल करने की योजना बनाई गई है।
प्रशासन ने संस्कृति और पर्यटन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह विभिन्न सांस्कृतिक दलों से संपर्क कर उन्हें महोत्सव में आमंत्रित करें।
डीजे और तेज संगीत पर रहेगा प्रतिबंध
बैठक में महोत्सव के धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
अधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि डोला भ्रमण और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान तेज आवाज वाले संगीत और डीजे का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
सहमति बनी कि नंदा देवी महोत्सव की पहचान धार्मिक आस्था और पहाड़ी संस्कृति से जुड़ी है, इसलिए आयोजन में पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की तैयारी
नंदा देवी महोत्सव में इस बार स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों को भी विशेष अवसर दिया जाएगा।
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मेले में स्थानीय उत्पादों की दुकानों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि क्षेत्र के लोगों को आर्थिक लाभ मिल सके।
स्थानीय हस्तशिल्प, पहाड़ी उत्पाद, पारंपरिक वस्तुएं और क्षेत्रीय खाद्य सामग्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के नैनीताल पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
आयोजन स्थल पर:
बिजली व्यवस्था
पेयजल सुविधा
शौचालय व्यवस्था
साफ-सफाई
अस्थायी टेंट व्यवस्था
को मजबूत किया जाएगा।
आयोजन समिति ने उद्घाटन कार्यक्रम और महाभंडारे के लिए वाटरप्रूफ टेंट लगाने की मांग भी रखी है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
नंदा देवी महोत्सव में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पूरे आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे।
नगर पालिका और विभागों को दिए गए निर्देश
डीएम ने सभी विभागों को आयोजन समिति के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं।
नगर पालिका को साफ-सफाई और अस्थायी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पुलिस विभाग को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य विभागों को भी कहा गया है कि वे महोत्सव शुरू होने से पहले अपनी तैयारियां पूरी कर लें।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
तैयारी बैठक में विधायक सरिता आर्या, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे, एसडीएम नवाजिश खालिक, प्राधिकरण सचिव मनीष सिंह, एसपी जगदीश चंद्र, सीओ रविकांत सेमवाल, कोतवाल हरपाल सिंह सहित श्रीराम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
नंदा देवी महोत्सव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
नैनीताल का नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह पर्व मां नंदा देवी की आराधना और पहाड़ी समाज की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है।
हर वर्ष इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय लोग और पर्यटक शामिल होते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ लोक कला, संगीत और परंपराओं का प्रदर्शन इस आयोजन की खास पहचान है।
2026 में होने वाले महोत्सव को लेकर प्रशासन का लक्ष्य है कि इसे सुरक्षित, व्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाया जाए, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की परंपरा और संस्कृति का अनोखा अनुभव मिल सके।
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