दिल्ली-NCR से हिमाचल तक बारिश का असर: दिल्ली में पार्किंग की दीवार गिरी, 8 गाड़ियां क्षतिग्रस्त; अमरनाथ यात्रा रोकी, असम में बाढ़ से 98 मौतें
दिल्ली-NCR में भारी बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम, पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा; कई राज्यों में नदियां उफान पर
देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। दिल्ली-NCR में शनिवार को बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली के देवली इलाके में एक निजी पार्किंग की दीवार गिरने से वहां खड़ी आठ गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं। वहीं जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जम्मू से अमरनाथ यात्रा के नए जत्थे को शनिवार को रवाना नहीं किया गया।
दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण बड़ी संख्या में सड़कें बंद हुई हैं। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और राज्य में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 98 तक पहुंच गया है। राज्य के 13 जिलों में 1.55 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
दिल्ली में तेज बारिश से पार्किंग की दीवार गिरी
दिल्ली के देवली इलाके में शनिवार को तेज बारिश के दौरान एक निजी पार्किंग की दीवार गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से पार्किंग में खड़ी आठ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने या मौत की सूचना सामने नहीं आई है।
स्थानीय स्तर पर यह संभावना जताई गई कि इलाके में चल रहे सीवर पाइपलाइन के काम और बारिश के कारण जमीन कमजोर होने से दीवार गिरी हो सकती है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
हादसे के बाद मौके पर मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त वाहनों को बाहर निकालने का काम किया गया। भारी बारिश के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में सड़कें भी जलभराव की चपेट में आईं।
दिल्ली-NCR में सड़कें बनीं परेशानी का कारण
बारिश के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। शुक्रवार रात से ही कई इलाकों में वाहनों की रफ्तार धीमी रही और कुछ जगहों पर लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी।
गुरुग्राम से दिल्ली आने-जाने वाले मार्गों पर भी बारिश का असर देखने को मिला। नोएडा और गाजियाबाद के कुछ हिस्सों में जलभराव के कारण स्थानीय यातायात प्रभावित हुआ।
लगातार बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है। इससे वाहनों के फंसने के साथ-साथ पैदल आवाजाही में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जम्मू से अमरनाथ यात्रा रोकी गई
खराब मौसम और आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए शनिवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा के नए जत्थे को कश्मीर के लिए रवाना नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से मौसम और जम्मू-श्रीनगर हाईवे की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जम्मू क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा संचालन को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़कों पर मलबा आने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
हिमाचल में 162 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन और सड़क संपर्क को प्रभावित किया है। राज्य में कम से कम 162 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुल्लू में 48, चंबा में 19 और सिरमौर में 16 सड़कें प्रभावित बताई गई हैं।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़क किनारे की मिट्टी कमजोर होने से भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इससे कई ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
प्रशासन और सड़क एजेंसियां प्रभावित मार्गों को खोलने के लिए काम कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश होने पर राहत और बहाली का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, मौतों का आंकड़ा 98
असम में बाढ़ का असर अभी भी गंभीर बना हुआ है। शनिवार को सामने आए आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है। 13 जिलों में करीब 1.55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में गोलाघाट भी शामिल है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
बाढ़ का असर केवल आबादी तक सीमित नहीं है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में पशुधन भी प्रभावित हुआ है।
राज्य में नदियों के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास से जुड़े काम भी किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ा
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लंबे समय से जारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। गंगा और अन्य नदियों के किनारे बसे इलाकों में कटान और जलभराव की समस्या सामने आई है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर पानी पहुंच गया है। नदी किनारे स्थित निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
फर्रुखाबाद समेत गंगा किनारे के कुछ इलाकों में कटान तेज होने की खबरें सामने आई हैं। कई गांवों के आसपास पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
बिहार में भी बाढ़ का खतरा
नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। मुजफ्फरपुर क्षेत्र में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
पश्चिमी चंपारण के बगहा क्षेत्र में भी नदी का पानी आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में सावधानी जरूरी
उत्तराखंड में भी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। चारधाम और अन्य पर्वतीय मार्गों पर मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक सड़क पर मलबा आने, नाले उफान पर आने और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय है। शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश का अनुमान बताया गया है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
प्रदेश के नदी-नालों और निचले इलाकों में लगातार बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
राजस्थान में भी बारिश का दौर
राजस्थान के कई जिलों में शनिवार को बारिश का अलर्ट जारी किया गया। भरतपुर में खराब मौसम के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टी की गई, जबकि अलवर, सीकर और चूरू समेत कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा।
पूर्वी राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने से कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अलर्ट वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
झारखंड में फ्लैश फ्लड और वज्रपात का खतरा
झारखंड में भी मानसून के सक्रिय होने से कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम के साथ वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा भी बताया गया है।
भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में अचानक पानी भरने और छोटी नदियों-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखने की जरूरत बढ़ गई है।
देश के कई हिस्सों में एक साथ असर
मानसून के मौजूदा दौर में एक तरफ दिल्ली-NCR जैसे मैदानी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या सामने आ रही है, तो दूसरी तरफ हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बना हुआ है।
वहीं असम, बिहार और उत्तर प्रदेश में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ और कटान की समस्या सामने आ रही है। इस वजह से कई राज्यों में प्रशासन को राहत, सड़क बहाली और लोगों की सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां तेज करनी पड़ रही हैं।
मौसम की स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिनों में भी संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा एडवाइजरी का पालन करना महत्वपूर्ण रहेगा।
प्रमुख अपडेट एक नजर में
दिल्ली: तेज बारिश के दौरान देवली में पार्किंग की दीवार गिरी, 8 गाड़ियां क्षतिग्रस्त।
जम्मू-कश्मीर: खराब मौसम के चलते जम्मू से अमरनाथ यात्रा का नया जत्था रोका गया।
हिमाचल प्रदेश: बारिश के कारण 162 सड़कें बंद।
असम: बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 98, 13 जिलों में 1.55 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित।
बिहार: बागमती और गंडक समेत नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा।
उत्तर प्रदेश: गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से घाटों और नदी किनारे के क्षेत्रों में असर।
मध्य प्रदेश: पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश की संभावना।
राजस्थान: कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट।
झारखंड: भारी बारिश के साथ वज्रपात और फ्लैश फ्लड की आशंका।
उत्तराखंड: पहाड़ी इलाकों में बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए सतर्कता।
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