MP Vidhansabha Satra:मप्र में 16वीं विधानसभा का पहला सत्र, 207 विधायकों ने ली शपथ, स्पीकर पद के लिए तोमर ने किया नामांकन
MP Vidhansabha Satra:मप्र में 16वीं विधानसभा का पहला सत्र, 207 विधायकों ने ली शपथ, स्पीकर पद के लिए तोमर ने किया नामांकन
MP Vidhansabha Satra:मध्यप्रदेश में 16वीं विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार से आरंभ हो गया है, जिसमें तीन दिनों तक नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जा रही है। इस अवसर पर, नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है, और उन्हें विपक्ष का समर्थन भी मिला है। विधानसभा अध्यक्ष का चयन 20 दिसंबर को होगा, जिसमें प्रोटेम स्पीकर उन्हें शपथ दिलाएंगे। इस अद्भूत उत्सव के पहले दिन, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी एक आदर्शवादी भाषण दिया।
आज के सत्र में सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी शपथ ली, जिसे उमंग सिंघार ने उनके बाद अनुसरण किया। इसके बाद, शिवराज सिंह ने भी शपथ ली, जिन्होंने मुरैना जिले के सबलगढ़ से चुनाव जीता है। यहां एक रोचक घटना आई सामने, जहां सबलगढ़ से चुनी गई भाजपा विधायिका सरला रावत को शपथ लेते समय कुछ कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, लेकिन सुरक्षा कर्मी ने उनकी मदद की।
सीधी विधायक रीति पाठक ने संस्कृत में ली शपथ
सीधी से चयनित विधायिका रीति पाठक ने संस्कृत में अपनी शपथ ली, जो एक अद्भुत क्षण था। इसके बाद, धर्मेंद्र सिंह लोधी और प्रदीप पटेल भी संस्कृत में शपथ लेते हुए दृश्यमान हुए।
शिवराज सिंह ने कहा- मामा का रिश्ता प्रेम का है
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस उत्सव के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में मीडिया से बातचीत की, जहां उन्होंने महिलाओं के मामले पर अपने दृष्टिकोण साझा किया और संबंधों की महत्वपूर्णता को बताया। उन्होंने रिश्तों की स्वाभाविकता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, "भाई-बहन के रिश्ते हों, मामा या भांजे के रिश्ते हों, मैंने पहले भी कहा है कि भाई का रिश्ता विश्वास का है और मामा का रिश्ता प्रेम का है।" उन्होंने संबंधों की महत्वपूर्णता को बताते हुए कहा, "ये एक फेज होता है, धीरे-धीरे लोग इसको भूल जाते हैं लेकिन संबंध रहेंगे।"उन्होंने कहा- विधानसभा में पुराने और अनुभवी साथी भी चुनकर आए हैं। नई पीढ़ी का भी पर्याप्त समावेश दिख रहा है। एक और आनंद का विषय है, पीढ़ी परिवर्तन भी हुआ है। मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं तो उमंग सिंगार नेता प्रतिपक्ष। पीढ़ी परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। ये दोनों पक्षों में देखने मिल रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयां छूएगा।
किसने क्या - कहा?
वहीं उमंग सिंघार ने नेता प्रतिपक्ष के कक्ष में पहुंचकर महाकाल की पूजा की। इसके बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष व अपनी बुआ स्वर्गीय जमुना देवी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। कमलनाथ के विधायक दल की बैठक में शामिल न होने पर उन्होंने कहा, वे विदेश में हैं, इसलिए नहीं आ पाएंगे। जयवर्धन सिंह ने कहा, जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि लाड़ली बहना योजना लागू रहेगी या नहीं, तो उन्होंने कहा कि हम विचार करेंगे। उन्हें लाड़ली बहना योजना पर स्पष्ट बोलना चाहिए।
मुख्यमंत्री बोले-विपक्ष की सकारात्मक सोच का स्वागत
मोहन यादव ने कहा, 'आज 16वीं विधानसभा के सत्र का पहला दिन है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि आज सत्ता पक्ष-विपक्ष ने मिलकर नए विधानसभा अध्यक्ष का नामांकन दाखिल किया है। मैं विधायक दल के नेता के नाते विपक्ष की सकारात्मक सोच का स्वागत करता हूं। विपक्ष इसी तरह अपना रचनात्मक सहयोग दे। हम प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा- महाकाल लोक, ओरछा सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर अनुष्ठान शुरू होंगे। विधायक और मंत्रियों की प्रशासनिक दक्षता की ट्रेनिंग कराई जाएगी। मंत्रिमंडल गठन पर उन्होंने कहा, 'कल दिल्ली में बैठक हुई है। जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।'
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