इंदौर में खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, 4 हजार किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त; बिना लाइसेंस यूनिट बंद

इंदौर में खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, 4 हजार किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त; बिना लाइसेंस यूनिट बंद

इंदौर। त्योहारों के सीजन से पहले मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बाणगंगा और आसपास के इलाकों में खाद्य सुरक्षा टीम ने कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर करीब 4 हजार किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की है। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

कार्रवाई के दौरान एक ऐसी यूनिट भी सामने आई, जो बिना वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन के संचालित हो रही थी। टीम ने यहां निर्माण और प्रोसेसिंग का काम तत्काल बंद करा दिया। वहीं कुछ अन्य प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

न्यू एनके चना परमल से सबसे ज्यादा सामग्री जब्त

खाद्य सुरक्षा टीम ने बाणगंगा क्षेत्र के विशाल नगर स्थित मेसर्स न्यू एनके चना परमल का निरीक्षण किया। यहां चना, पीनट और परमल की प्रोसेसिंग की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। टीम ने चना, पीनट और तली हुई मटर के कुल 5 नमूने जांच के लिए लिए।

इसके साथ ही करीब 1,950 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई गई है। प्रतिष्ठान संचालक को कमियां दूर करने के लिए सुधार नोटिस भी जारी किया गया है।

शिवम ट्रेडर्स से 280 किलो मूंगफली जब्त

बाणगंगा क्षेत्र में ही शिवम ट्रेडर्स का भी निरीक्षण किया गया। यहां खाद्य सुरक्षा टीम ने मूंगफली के चार नमूने लिए। इनमें दो पैक और दो खुले नमूने शामिल थे।

जांच के दौरान करीब 280 किलो मूंगफली जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 36,400 रुपए बताई गई है। नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।

अमरनाथ चना परमल भंडार से 1,377 किलो सामग्री जब्त

इसी अभियान के दौरान अमरनाथ चना परमल भंडार का भी निरीक्षण किया गया। यहां से मूंगफली, चना और मटर के चार नमूने जांच के लिए लिए गए।

टीम ने मौके से करीब 1,377 किलो खाद्य सामग्री जब्त की। इसकी अनुमानित कीमत करीब 83,626 रुपए बताई गई है।

इन सभी मामलों में खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

बिना लाइसेंस चल रही यूनिट पर सीधी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा टीम ने राजकुमार जायसवाल नाम की फर्म पर भी कार्रवाई की। यहां मूंगफली दाना और धनिया पाउडर के दो नमूने लिए गए।

निरीक्षण के दौरान करीब 450 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जांच के दौरान फर्म के पास वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने निर्माण और प्रोसेसिंग का काम तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।

बेकरी और रेस्टोरेंट भी जांच के दायरे में

कार्रवाई केवल चना, मूंगफली और परमल की दुकानों तक सीमित नहीं रही। शिकायतों के आधार पर जीवनदीप कॉलोनी स्थित सतगुरु बेकर्स का भी निरीक्षण किया गया।

यहां टीम को बिना वैध पंजीयन के अस्वच्छ परिस्थितियों में केक तैयार किए जाने की जानकारी मिली। टीम ने केक का नमूना जांच के लिए लिया।

इसके अलावा मनोरमा गंज के चाय ठिकाना से बन मस्का और पनीर के नमूने लिए गए। वहीं कुशवाहा नगर स्थित यादव श्री रेस्टोरेंट से गुलाब जामुन और मोतीचूर लड्डू के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

कुल करीब 4 हजार किलो सामग्री कार्रवाई के दायरे में

अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई में करीब 4 हजार किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई है। इसमें चना, मूंगफली, तली हुई मटर, धनिया पाउडर और अन्य खाद्य सामग्री शामिल है।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। अभी इन सभी खाद्य पदार्थों को मिलावटी घोषित नहीं किया गया है। खाद्य सुरक्षा टीम ने इन्हें संदिग्ध मानते हुए जब्त किया है और इनके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।

लैब रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें किसी तरह की मिलावट या मानक से जुड़ी कमी की पुष्टि हो सकेगी।

त्योहारों से पहले क्यों बढ़ाई गई कार्रवाई?

त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन, ड्राई फ्रूट, दूध से बने उत्पाद और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी सामने आती हैं।

इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम खाद्य निर्माण इकाइयों, दुकानों, बेकरी, रेस्टोरेंट और खाद्य सामग्री के भंडारण एवं बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर रही है।

इंदौर में हुई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। विभाग का उद्देश्य बाजार में असुरक्षित या मानकों के अनुरूप नहीं होने वाली खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाना है।

अभी क्या अपडेट है?

26 अगस्त 2026 तक की स्थिति में खाद्य सुरक्षा विभाग ने करीब 4 हजार किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त कर ली है और कई खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए हैं। बिना लाइसेंस संचालित मिली एक यूनिट का निर्माण और प्रोसेसिंग कार्य भी बंद कराया गया है। संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए हैं।

अब सबसे बड़ा अपडेट प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। नमूनों की रिपोर्ट मिलने के बाद यदि खाद्य पदार्थ खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इंदौर के अन्य बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों में भी निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी सावधानी

खाद्य विभाग की कार्रवाई के बीच उपभोक्ताओं के लिए भी सावधानी जरूरी है। पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण और एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग, FSSAI लाइसेंस नंबर और लेबल जरूर जांचना चाहिए।

खुली खाद्य सामग्री खरीदते समय भी उसकी साफ-सफाई और स्टोरेज की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर खराब, बदबूदार या संदिग्ध खाद्य पदार्थ दिखाई देने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को शिकायत की जा सकती है।

फिलहाल इंदौर में हुई इस कार्रवाई के बाद करीब 4 हजार किलो सामग्री बाजार में पहुंचने से रोक दी गई है, लेकिन यह सामग्री वास्तव में मिलावटी थी या नहीं, इसका अंतिम फैसला लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।