यूपी में बारिश-बाढ़ से बिगड़े हालात, 26 जिले प्रभावित; मुरादाबाद में मकान गिरने से महिला की मौत

यूपी में बारिश-बाढ़ से बिगड़े हालात, 26 जिले प्रभावित; मुरादाबाद में मकान गिरने से महिला की मौत

कई इलाकों में घरों और सड़कों में घुसा पानी, उन्नाव में जुगाड़ की नाव से आवाजाही; वाराणसी में 84 घाट जलमग्न

उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर अभी पूरी तरह थमा नहीं है। प्रदेश में एक जून से अब तक करीब 656.5 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। गुरुवार को प्रयागराज, कौशांबी समेत कई जिलों में बारिश हुई, जबकि वाराणसी में दोपहर बाद तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 36 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मुरादाबाद में तीन मंजिला मकान भरभराकर गिरा, महिला की मौत

मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के अका भीखनपुर गांव में गुरुवार को तीन मंजिला मकान अचानक ढह गया। हादसे के वक्त मकान में कासिम की पत्नी गुलाबो (42) अकेली थीं। मलबे में दबने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई। बताया गया कि कासिम मिस्त्री का काम करते हैं और घटना के समय काम पर गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक, मकान के आसपास कई दिनों से पानी भरा था और इलाके में लगातार जलभराव के कारण नींव कमजोर होने की आशंका है।

26 जिलों में बाढ़ का असर, लाखों लोग प्रभावित

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। करीब 4 लाख लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और करीब 35 गांवों की 30 हजार आबादी प्रभावित है। अमरोहा में गंगा के उफान से करीब 70 गांवों के खेतों में पानी भर गया है, जबकि शाहजहांपुर में भी कई गांव और रिहायशी इलाके बाढ़ की चपेट में हैं।

उन्नाव में घरों तक पहुंचा पानी, थर्माकोल से बना रहे जुगाड़ की नाव

कानपुर से सटे उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। करीब 20 गांवों के 800 से ज्यादा घर प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में पानी इतना बढ़ गया है कि लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ ग्रामीण थर्माकोल और फोम की मदद से जुगाड़ की नाव बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। बच्चों को भी इन्हीं साधनों से बाहर निकलते देखा जा रहा है।

बाराबंकी में कटान का खतरा, ग्रामीण खुद तोड़ रहे अपने मकान

बाराबंकी के हेतमापुर इलाके में सरयू नदी की कटान आबादी तक पहुंच गई है। कई पक्के मकान नदी के कटाव की जद में आ चुके हैं और कुछ मकान नदी में समा भी चुके हैं। खतरा बढ़ने के बाद ग्रामीण अपने आशियानों को बचाने की उम्मीद छोड़कर खुद ही मकान तोड़ रहे हैं, ताकि ईंट, दरवाजे-खिड़कियां और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सके। वहीं बरेली के शेरगढ़ में रामगंगा के तेज कटान की वजह से नदी किनारे बना पुराना मंदिर भी नदी की धारा में समा गया।

वाराणसी में 84 घाट जलमग्न, फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चार दिन बाद एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है। नदी करीब 69.26 मीटर के स्तर पर बह रही है और हर दो घंटे में लगभग एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गंगा के बढ़ते पानी के कारण शहर के सभी 84 घाट जलमग्न हैं और घाटों के बीच संपर्क भी टूट गया है। मौसम विभाग ने वाराणसी के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर प्रयागराज में सुबह से रुक-रुककर बारिश और तेज ठंडी हवाओं का दौर जारी है।

मानसून की विदाई की ओर यूपी, लेकिन अगले 24 घंटे अहम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मानसून अब अंतिम चरण में पहुंच रहा है। मध्य और पूर्वी यूपी के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 घंटे के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश से मानसून की वापसी सितंबर के तीसरे सप्ताह के आसपास शुरू होती है। हालांकि, फिलहाल नदियों के बढ़े जलस्तर और कई जिलों में जारी बाढ़ को देखते हुए प्रशासन के सामने राहत और बचाव की चुनौती बनी हुई है।

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