भिवापूर में घर-घर विराजे विघ्नहर्ता, सार्वजनिक मंडलों में भी गणपति स्थापना; 16 सितंबर को रक्तदान शिविर
भिवापूर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। शहर में सार्वजनिक रूप से चार गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई है, जबकि तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में 19 सार्वजनिक मंडलों के साथ 390 घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ स्थापित की गई है। यह जानकारी भिवापूर थाने के थानेदार रवींद्र मस्कर ने दी।
घर-घर गणपति स्थापना से भक्तिमय हुआ माहौल
गणेशोत्सव के दौरान भिवापूर के अलग-अलग इलाकों में सुबह से ही पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। घरों में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। वहीं सार्वजनिक मंडलों में भी गणपति स्थापना के साथ विभिन्न धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों की तैयारी की गई है।
गणेशोत्सव के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। सार्वजनिक मंडलों की ओर से आने वाले दिनों में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।
लोकमान्य तिलक ने गणेशोत्सव को बनाया था सार्वजनिक आंदोलन
सार्वजनिक गणेशोत्सव की आधुनिक परंपरा को महाराष्ट्र में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक से जोड़ा जाता है। वर्ष 1893 में पुणे से उन्होंने गणेशोत्सव को बड़े सार्वजनिक आयोजन का स्वरूप देने की पहल की थी।
हालांकि गणेश पूजा की परंपरा इससे काफी पुरानी है। पेशवा काल में भी पुणे के शनिवार वाड़ा में गणेशोत्सव मनाए जाने का उल्लेख मिलता है। ब्रिटिश शासन के दौर में लोकमान्य तिलक ने इस धार्मिक उत्सव को सामाजिक और राष्ट्रीय एकजुटता का माध्यम बनाया।
आजादी के आंदोलन में भी बना एकजुटता का मंच
लोकमान्य तिलक के प्रयासों के बाद गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एक जगह एकत्र होते थे। देशभक्ति के गीत और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।
उस दौर में गणेशोत्सव ने लोगों को एक मंच पर लाने और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा आज भी सामाजिक सहभागिता से जुड़ी हुई है।
16 सितंबर को भिवापूर में रक्तदान शिविर
गणेशोत्सव के अवसर पर भिवापूर में धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा का कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। 16 सितंबर, बुधवार को भिवापूर महाविद्यालय में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा।
इस आयोजन को सर्व तालुका गणेशोत्सव मंडल भिवापूर, महाविद्यालय भिवापूर, भिवापूर पुलिस स्टेशन, पुलिस पाटील संगठन, भिवापूर तालुका पत्रकार संघ, शांति समिति, भिवापूर युवा संगठन और आजी-माजी विद्यार्थी संगठन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक चलेगा शिविर
आयोजकों के मुताबिक रक्तदान शिविर का आयोजन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 4 बजे तक किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए संबंधित संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।
गणेशोत्सव के दौरान आयोजित इस पहल के जरिए धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। आयोजकों ने लोगों से रक्तदान शिविर में भाग लेकर इस सामाजिक अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
news desk MPcg