IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, 17 साल की नौकरी बाकी थी; लिखा- ‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो’
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। दिव्या ने करीब 15 दिन पहले 30 अगस्त को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन में आगे के नए लक्ष्यों का हवाला दिया था। इस्तीफा स्वीकार होने की जानकारी उन्होंने सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।
अपनी पोस्ट में दिव्या मित्तल ने कवि जयशंकर प्रसाद के प्रसिद्ध नाटक ‘चंद्रगुप्त’ की पंक्ति लिखी- “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।” उनकी इस पोस्ट के बाद उनके इस्तीफे और आगे की योजनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
## सोशल मीडिया पोस्ट में दिया खास संदेश
दिव्या मित्तल ने इस्तीफा स्वीकार होने की जानकारी साझा करते हुए सीधे तौर पर अपनी आगे की योजना का खुलासा नहीं किया। हालांकि, उन्होंने जिस कविता की पंक्ति का इस्तेमाल किया, उसे उनके नए सफर से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो’ पंक्ति में आगे बढ़ते रहने और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया है। कविता में मातृभूमि, साहस और संघर्ष का आह्वान किया गया है।
इस्तीफे से दो दिन पहले दिव्या ने वैष्णो देवी के दर्शन की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की थी। उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि आगे की राह कठिन है और मां से सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
## 17 साल की सेवा अभी बाकी थी
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं और करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया। नियमों के अनुसार उनकी सेवा के लगभग 17 साल अभी बाकी थे। इसके बावजूद उन्होंने व्यक्तिगत और पारिवारिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सेवा से अलग होने का फैसला किया।
मई में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। इससे करीब चार महीने पहले ही उन्हें देवरिया से लखनऊ ट्रांसफर किया गया था।
दिव्या मित्तल मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। प्रशासनिक कामकाज में उनकी छवि सख्त अधिकारी की रही है। कई मौकों पर अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर ही फटकार लगाने को लेकर भी वह चर्चा में रही हैं।
## IIT-IIM के बाद लंदन की नौकरी छोड़ी, फिर सिविल सर्विस चुनी
दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी शुरू की, लेकिन बाद में विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।
भारत लौटने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। खास बात यह है कि उन्होंने बिना कोचिंग के अपने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर IPS सेवा हासिल की। उन्हें गुजरात कैडर मिला।
हालांकि, उन्होंने यहीं रुकने के बजाय IAS बनने का लक्ष्य जारी रखा। IPS की ट्रेनिंग के दौरान भी उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी और अगले ही प्रयास में IAS के लिए चयनित हो गईं।
## पति भी UPSC अधिकारी, 2022 में छोड़ चुके हैं सरकारी सेवा
दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह भी सिविल सेवा से जुड़े रहे हैं। वह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा यानी ITS अधिकारी हैं। उन्होंने भी सरकारी सेवा छोड़कर अपना कारोबारी सफर शुरू किया।
गगनदीप सिंह ने IIT दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और इसके बाद IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। उन्होंने 2010 में अपने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें इंडियन ट्रेड सर्विस मिली थी।
2022 में उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्होंने ‘न्यूरोकैप’ नाम से कंपनी शुरू की, जो भारत और विदेशों से जुड़े ट्रेडिंग कारोबार में काम करती है।
## दिव्या के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या?
दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का उल्लेख किया है। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि सरकारी सेवा छोड़ने के बाद वह किस क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी।
उनका प्रशासनिक करियर कई महत्वपूर्ण जिलों में रहा है और सख्त कार्यशैली के कारण वह उत्तर प्रदेश में चर्चित अधिकारियों में शामिल रही हैं। अब इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उनके अगले कदम पर लोगों की नजर रहेगी।
दिव्या की सोशल मीडिया पोस्ट में लिखी पंक्ति- “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो” उनके नए सफर की ओर इशारा करती है या सिर्फ एक प्रेरणादायक संदेश है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
news desk MPcg