शिमला के कोर एरिया में अब निर्माण पर सख्ती, बिना सरकार की मंजूरी कोई प्रोजेक्ट नहीं होगा पास

शिमला के कोर एरिया में अब निर्माण पर सख्ती, बिना सरकार की मंजूरी कोई प्रोजेक्ट नहीं होगा पास

हिमाचल प्रदेश की राजधानी Shimla के संवेदनशील कोर एरिया में अब किसी भी तरह के नए निर्माण या विकास कार्य के लिए राज्य सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (TCP) ने विकास योजना में बड़ा बदलाव करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब स्थानीय स्तर पर कोई भी निर्माण प्रस्ताव सीधे पास नहीं होगा।

नए नियमों के मुताबिक, कोर एरिया में आने वाले सभी विकास प्रस्ताव पहले नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक के पास भेजे जाएंगे। वहां तकनीकी जांच और विस्तृत परीक्षण के बाद ही इन्हें राज्य सरकार को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद ही किसी भी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह कदम शिमला के नाजुक पर्यावरणीय और शहरी संतुलन को बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि अनियंत्रित निर्माण और अव्यवस्थित विकास पर रोक लगाई जा सके।

नया नियम क्या बदलता है?
अब तक कई मामलों में स्थानीय स्तर पर मंजूरी की प्रक्रिया होती थी, लेकिन नए प्रावधान के बाद अंतिम फैसला सीधे राज्य सरकार के हाथ में होगा।

शहर के कोर एरिया में यह सख्ती आने वाले समय में बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स पर असर डाल सकती है, लेकिन प्रशासन का दावा है कि इससे शिमला के मास्टर प्लान को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सकेगा।