गाजीपुर में करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत, ग्रामीणों का दो घंटे तक सड़क जाम, विभागीय लापरवाही के आरोप

गाजीपुर में करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत, ग्रामीणों का दो घंटे तक सड़क जाम, विभागीय लापरवाही के आरोप

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के अहलादपुर गांव में ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के दौरान एक संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया।

कैसे हुआ हादसा: मरम्मत के दौरान करंट लगा

जानकारी के अनुसार, मृतक संविदा लाइनमैन धर्मेंद्र यादव (27) तेतारपुर फीडर से जुड़े ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत का कार्य कर रहे थे। वे खानपुर विद्युत उपकेंद्र पर पिछले कई वर्षों से संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थे।

शनिवार को फीडर की रोस्टिंग और पेट्रोलिंग के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल की जा रही थी, इसी दौरान ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के समय अचानक करंट लगने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान और पारिवारिक स्थिति

मृतक की पहचान बहुरा गांव निवासी रामअवध यादव के पुत्र धर्मेंद्र यादव उर्फ वकील के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र पिछले लगभग 10 वर्षों से विद्युत विभाग में संविदा पर कार्यरत थे और अपने काम के प्रति बेहद समर्पित माने जाते थे।

उनकी असामयिक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

ग्रामीणों का आक्रोश: सड़क जाम और प्रदर्शन

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खानपुर पावर हाउस के सामने बिहारीगंज–चंदवक मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

ग्रामीणों का आरोप था कि विद्युत विभाग द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है और संविदा कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, जिसके कारण इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। CO सैदपुर, कोतवाल सैदपुर सहित बहरियाबाद, सादात और खानपुर थानों की पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

लंबी बातचीत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और जाम समाप्त कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

विभागीय लापरवाही के आरोप और उठते सवाल

इस घटना के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि—

लाइनमैन को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते
मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता
संविदा कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था कमजोर है
फील्ड स्तर पर निगरानी की कमी रहती है
परिवार और गांव में शोक का माहौल

धर्मेंद्र यादव की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन और ग्रामीण उन्हें एक मेहनती और जिम्मेदार कर्मचारी के रूप में याद कर रहे हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग इस घटना को टाला जा सकने वाला हादसा बता रहे हैं।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की है।

निष्कर्ष

गाजीपुर की यह घटना एक बार फिर विद्युत विभाग में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। करंट लगने से एक युवा लाइनमैन की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।