पेटीएम पर एक्शन, नाराज राहुल और प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र पर लगाया आरोप
पेटीएम पर एक्शन, नाराज राहुल और प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र पर लगाया आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की कार्रवाई को लेकर केंद्र पर निशाना साधकर दावा किया कि मोदी सरकार के शासनकाल में नियामक संस्थाओं को ‘नष्ट’ किया है।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबीएल) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आरबीआई ने बैंक को 29 फरवरी के बाद किसी भी ग्राहक खाते, वॉलेट, फास्टैग और अन्य उपकरणों में जमा या टॉप-अप स्वीकार नहीं करने का निर्देश दिया। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पोस्ट किया, ‘‘संस्थाओं की स्वतंत्रता को खत्म कर मोदी सरकार कैसे देश को बर्बादी की राह पर ले आई है पेटीएम ‘फ्रॉड’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ अखबारों में फुल पेज विज्ञापन देने वाले पेटीएम पेमेंट बैंक के फ्रॉड पर सेबी और आरबीआई जैसे नियामक संस्थान मूक दर्शक बने रहे।’’ उन्होंने कहा, जनता की मेहनत की कमाई लूटकर बड़ी बनी बहुत सी कंपनियों को राजनीतिक संरक्षण ने बचा रखा है। नियामक संस्थानों का पतन, जनता के साथ लूट की गारंटी है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि नोटबंदी से पेटीएम को काफी मुनाफा हुआ और विज्ञापनों के मुताबिक इसमें मोदी सरकार की मदद भी शामिल थी। उन्होंने कहा, जब कंपनी ने बहुत ऊंची कीमत पर अपने शेयर जारी किए, तब आम मध्यम वर्गीय भारतीयों ने उन्हें बड़ी संख्या में खरीदा। कांग्रेस महासचिव ने कहा, कल अचानक आरबीआई ने वित्तीय अनियमितताओं के कारण इस कंपनी के कामकाज पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि पेटीएम के शेयरों में 75 फीसदी की गिरावट आई है और खबरों के मुताबिक, करीब 18,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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