भारत में माक्रों के आने से पहले फ्रांसीसी पत्रकार को दिया देश से निकालने का नोटिस

भारत में माक्रों के आने से पहले फ्रांसीसी पत्रकार को दिया देश से निकालने का नोटिस

भारत में माक्रों के आने से पहले  फ्रांसीसी पत्रकार को दिया देश से निकालने का नोटिस

फ्रांसीसी पत्रकार वनेसा डोनियाक को भारत सरकार ने गृह मंत्रालय के खिलाफ हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाकर नोटिस जारी किया है। उन्हें देश से निकालने की संभावना है। डोनियाक ने पिछले 22 सालों से भारत में फ्रांसीसी भाषा में पत्रकारिता की है, और कई मुद्दों पर रिपोर्टिंग की है। उन्हें "द्वेषपूर्ण और आलोचनात्मक" काम करने का आरोप है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फ्रांसीसी पत्रकार वनेसा डोनियाक को भारत के हितों के खिलाफ काम करने पर आरोप लगाकर नोटिस भेजा है, और उनकी परमानेंट रेसीडेंसी को रद्द करने का निर्णय लिया है। लेकिन डोनियाक ने इस बात का खंडन किया है। और अपने बयान में भारत को अपना घर कहा है। उन्हें दो फरवरी तक इस आदेश का जवाब देने का समय है। और इस घड़ी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों भारत आ रहे हैं। जो गणतंत्र दिवस की परेड में मुख्य अतिथि होंगे। आपको बता दें कि माक्रो कल यानि की 25 जनवरी को भारत पहुंचेंगे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी का समर्थन किया है। और हथियारों के खरीदार के रूप में बढ़ावा दिया है।

उनके पिछले साल के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बास्टील दिवस के जश्न में शामिलता दिखाई थी। मोदी सरकार पर स्वतंत्र मीडिया का दम घोंटने के आरोप लग रहे हैं। जिसके चलते भारत विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में गिरकर 161वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके बावजूद, माक्रों इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में मुख्य अतिथि होंगे और उन्होंने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी और हथियारों के खरीदारी में योगदान करने की कोशिश की है। 80 देशों के विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में 21 अंक लुढ़क कर 161वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल बीबीसी ने 2002 के गोधरा दंगों में मोदी की भूमिका पर सवाल उठाती हुई एक डाक्यूमेंट्री चलाई थी। जिसके बाद भारत में बीबीसी के दफ्तरों पर आयकर विभाग ने छापे मारे थे।