2025 की पहली छमाही में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस इंडेक्स ने 15.5% की मजबूती दिखाई

2025 की पहली छमाही में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस इंडेक्स ने 15.5% की मजबूती दिखाई

फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर ने दिखाई दमदार बढ़त, 2025 की पहली छमाही में 15.5% उछला इंडेक्स

मुंबई, 27 जून:
2025 की पहली छमाही में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस इंडेक्स ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए करीब 15.5% की बढ़त दर्ज की है। इस तेजी के साथ यह सेक्टर साल की शुरुआत से अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया है।

शुक्रवार को ट्रेडिंग के दौरान इंडेक्स 27,305.6 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो इसके पिछले 52-सप्ताह के निचले स्तर 22,320.85 से 22% से ज्यादा की उछाल को दर्शाता है।

इस मजबूती की वजह निवेशकों का फाइनेंशियल सेक्टर पर बढ़ता भरोसा और आर्थिक हालात में सुधार मानी जा रही है।

गुरुवार को भू-राजनीतिक तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी जैसे वैश्विक कारणों से इंडेक्स में 1.5% की तेजी देखने को मिली। इससे विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बाजारों की ओर बढ़ा है।

साथ ही, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी इस तेजी में अहम भूमिका निभाई है।

प्रोजेक्ट फाइनेंस पर RBI की राहत और मजबूत आय अनुमान से फाइनेंशियल सेक्टर में जोश

मुंबई, 27 जून:
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कॉर्पोरेट आय मजबूत रहने की उम्मीद से खासतौर पर बैंकिंग, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स ने पिछले एक साल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 15.4% की बढ़त दर्ज की है। सिर्फ पिछले चार महीनों में इंडेक्स में जबरदस्त तेजी आई है —

  • जून में 3%,

  • मई में 1.3%,

  • अप्रैल में 6.5%,

  • और मार्च में 9.2% की बढ़त दर्ज की गई।
    हालांकि, जनवरी में 1.7% और फरवरी में 0.6% की हल्की गिरावट जरूर देखने को मिली थी।

इस तेजी का एक बड़ा कारण है भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रोजेक्ट फाइनेंस को लेकर जारी किए गए नरम दिशानिर्देश

RBI ने अपने पुराने ड्राफ्ट नियमों को सरल किया है, जिससे एसेट क्वालिटी को लेकर बनी चिंताओं में कमी आई है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOSL) के अनुसार, नए नियमों के तहत:

  • निर्माणाधीन परियोजनाओं को दिए जाने वाले ऋण पर प्रावधान राशि कम कर दी गई है।

  • ये नए नियम पुराने ऋणों पर लागू नहीं होंगे, जिनका वित्तीय समापन पहले ही हो चुका है।

  • पहले जहाँ 5% का प्रावधान था, वहीं अब यह घटाकर 1% से 1.25% कर दिया गया है।

इस फैसले से बैंकों और वित्तीय कंपनियों को राहत मिली है और सेक्टर में निवेशकों की धारणा और मजबूत हुई है।