इंदौर दूषित जल कांड पर अरुण यादव का तीखा हमला, 15 मौतों को बताया मानव निर्मित त्रासदी
1.
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 15 नागरिकों की मौत और 500 से अधिक लोगों के बीमार होने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीन शासन व्यवस्था का नतीजा बताया है।
अरुण यादव ने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूरी तरह मानव निर्मित त्रासदी है, जिसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और नगर निगम की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता में देश का सिरमौर कहे जाने वाले इंदौर की यह घटना देश-विदेश में शहर की छवि को गहरा आघात पहुंचाने वाली है। “यहां ‘दिया तले अंधेरा’ की कहावत चरितार्थ हो रही है। मॉडल सिटी में नागरिकों को पीने का सुरक्षित पानी तक उपलब्ध नहीं है,” उन्होंने कहा।
यादव ने आरोप लगाया कि वर्षों से इंदौर में भाजपा का प्रतिनिधित्व रहा है। महापौर, विधायक और कैबिनेट मंत्री इसी शहर से हैं, इसके बावजूद इस स्तर की लापरवाही शासन की विफलता को उजागर करती है। उन्होंने मांग की कि इंदौर के महापौर नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा दें और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी इस गंभीर चूक की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ें।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही दूषित जल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और बीमार लोगों को मुफ्त व बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की मांग की।
अंत में अरुण यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस जनहित के मुद्दे पर पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
news desk MPcg