एक देश, एक चुनाव’ से देश को होगा बड़ा फायदा, 7 लाख करोड़ की बचत का दावा

एक देश, एक चुनाव’ से देश को होगा बड़ा फायदा, 7 लाख करोड़ की बचत का दावा

एक देश, एक चुनाव’ से देश को होगा बड़ा फायदा, 7 लाख करोड़ की बचत का दावा

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ यानी एक देश, एक चुनाव को लेकर देश में चर्चा तेज हो गई है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष डॉ. पी. पी. चौधरी के अनुसार, यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाते हैं, तो देश को भारी आर्थिक लाभ हो सकता है। उनका दावा है कि इससे देश की तिजोरी में करीब 7 लाख करोड़ रुपये तक की बचत संभव है, जिसे विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।

बार-बार चुनाव से छुटकारा, विकास कार्यों में आएगी तेजी

विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार चुनाव होने से आचार संहिता लागू होती है, जिससे विकास कार्यों की गति धीमी हो जाती है। ‘एक देश, एक चुनाव’ लागू होने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है और राज्यों में गवर्नेंस लगातार सुचारू रूप से चल सकेगी। इससे नीतियों के क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद है।

शिक्षा व्यवस्था पर नहीं पड़ेगा असर, बच्चों की पढ़ाई होगी सुरक्षित

JPC अध्यक्ष के अनुसार बार-बार चुनावों में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती है। लेकिन एक साथ चुनाव होने से यह समस्या काफी कम हो जाएगी। इससे बच्चों की शिक्षा पर कोई व्यवधान नहीं पड़ेगा और स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर बना रहेगा।
GDP का बड़ा हिस्सा बचाने का दावा, विकास को मिलेगा नया फंड
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बार-बार चुनावों पर होने वाले खर्च को देखते हुए यह माना जा रहा है कि देश की GDP का लगभग 1.6 प्रतिशत हिस्सा बचाया जा सकता है। इस बचत का उपयोग सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिससे देश के विकास को नई रफ्तार मिल सकती है।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर देश में बढ़ी बहस

इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का मानना है कि इससे देश में स्थिरता, समय और संसाधनों की बचत होगी, जबकि इसके क्रियान्वयन को लेकर कई चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। फिलहाल यह विषय देश की नीतिगत बहस का अहम हिस्सा बना हुआ है।