डेढ़ साल के मासूम को सौतेले पिता ने बेरहमी से मार डाला, शरीर पर सिगरेट से जलाने के निशान
सौतेले पिता ने डेढ़ साल के बच्चे को तड़पा-तड़पाकर उतारा मौत के घाट, मां बनी रही मूकदर्शक केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के पास नेदुमंगड इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। यहां डेढ़ साल के मासूम बच्चे अर्शीद की उसके सौतेले पिता अशकर ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। इस मामले में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी भी सभ्य समाज के लिए बेहद भयावह हैं।
शरीर पर 51 चोटें, सिगरेट से जलाने के निशान
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि बच्चे की मौत लगातार और बेरहमी से की गई पिटाई के कारण हुई इंटरनल ब्लीडिंग से हुई। उसके शरीर पर 51 गंभीर चोटों के निशान मिले, जिनमें कई जगह गहरे घाव, प्राइवेट पार्ट पर चोट और पैरों पर सिगरेट से जलाने के निशान शामिल थे। यह स्पष्ट करता है कि बच्चे के साथ लंबे समय से अत्याचार किया जा रहा था।
अस्पताल में झूठा दावा, दम घुटने से मौत बताई गई
घटना के बाद आरोपी बच्चे को अस्पताल लेकर गया और डॉक्टरों को बताया कि बच्चा खाना खाते समय दम घुटने से बेहोश हो गया था। लेकिन जांच में यह दावा झूठा साबित हुआ। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया और मामले को संदिग्ध मानते हुए पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच में सामने आई रोंगटे खड़े करने वाली सच्चाई
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह मामला केवल एक हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पूछताछ और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद यह साफ हुआ कि बच्चे पर लंबे समय से अत्याचार किया जा रहा था। आरोप है कि आरोपी ने पहले से ही बच्चे को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रखी थी।
गिरफ्तारी और सबूतों की बरामदगी
पुलिस ने 30 मई को आरोपी अशकर और बच्चे की मां अखिला को गिरफ्तार कर लिया। बाद में घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन कराया गया, जहां से हत्या में इस्तेमाल की गई छड़ी और अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया है।
मां की भूमिका पर भी सवाल
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि बच्चे की मां अखिला ने स्वीकार किया कि उसने अपने सामने बच्चे पर हो रहे अत्याचार देखे, लेकिन कोई विरोध नहीं किया। इस चुप्पी ने मामले को और भी दर्दनाक बना दिया है।
समाज को झकझोर देने वाला मामला
यह घटना घरेलू हिंसा, बच्चों की सुरक्षा और रिश्तों के नाम पर होने वाले अत्याचारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
news desk MPcg