कर्नाटक में हथियारों का बड़ा रैकेट बेनकाब, किताब की दुकान की आड़ में चल रहा था खेल

कर्नाटक में हथियारों का बड़ा रैकेट बेनकाब, किताब की दुकान की आड़ में चल रहा था खेल

3 आरोपी गिरफ्तार, 2024 की एक हत्या जांच से सामने आया पूरा नेटवर्क कर्नाटक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने देसी पिस्तौल बनाने और सप्लाई करने वाले एक बड़े संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में हथियार, पुर्जे और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।

हत्या केस की जांच से खुला राज

इस पूरे रैकेट का खुलासा 2024 में दर्ज एक हत्या के मामले की जांच के दौरान हुआ। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनसे यह पता चला कि अपराध में इस्तेमाल हथियार एक संगठित नेटवर्क से बनाए और सप्लाई किए जा रहे थे।

घर से चल रहा था अवैध हथियार निर्माण

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मारुति सुतार अपने घर से ही देसी पिस्तौल तैयार करता था। यह काम वह लंबे समय से कर रहा था और धीरे-धीरे उसने एक पूरा नेटवर्क तैयार कर लिया था, जिसमें अलग-अलग लोग पुर्जों की सप्लाई और बिक्री में शामिल थे।

किताब की दुकान की आड़ में हथियार सप्लाई

सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि इस नेटवर्क में शामिल एक आरोपी उत्तर कन्नड़ जिले के जोइडा में किताबों की दुकान चलाता था, जो हथियारों के पुर्जे और उनसे जुड़ा सामान सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, यह व्यक्ति सामान्य व्यापार की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

13 आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

पुलिस ने इस मामले में मारुति सुतार सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच टीम ने मौके से नौ देसी पिस्तौल और बड़ी मात्रा में हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया है। यह पूरा नेटवर्क बेलगावी और उत्तर कन्नड़ जिलों तक फैला हुआ था।

पहले से बंद दुकान से भी जुड़ा लिंक

जांच में यह भी सामने आया है कि हथियार बनाने के लिए जरूरी कुछ सामान एक ऐसी बंदूक की दुकान से लिया जा रहा था, जिसने साल 2021 में ही अपना लाइसेंस बंद कर दिया था। पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

पुलिस की आगे की जांच जारी

अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अवैध हथियार नेटवर्क है और इसके पीछे और भी लोग हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किस तरह सामान्य दिखने वाले व्यवसायों की आड़ में गंभीर अपराधों को अंजाम दिया जा सकता है।