फरीदाबाद में 37.50 लाख की बड़ी ठगी, HSVP की अधिग्रहित जमीन बेचकर कारोबारी को लगाया चूना

फरीदाबाद में 37.50 लाख की बड़ी ठगी, HSVP की अधिग्रहित जमीन बेचकर कारोबारी को लगाया चूना

सस्ते प्लॉट का झांसा देकर रची गई साजिश फरीदाबाद में जमीन खरीदने का सपना एक कारोबारी के लिए बड़ा धोखा साबित हुआ। सात लोगों ने मिलकर HSVP (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) द्वारा पहले से अधिग्रहित जमीन को अपनी बताकर 37.50 लाख रुपये में बेच दिया। जब पीड़ित निर्माण कार्य कराने पहुंचा, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

कैसे हुआ करोड़ों की जमीन का खेल

शिव दुर्गा विहार निवासी सलीम कुरैशी को आरोपितों ने बड़खल क्षेत्र में किफायती दर पर प्लॉट दिलाने का भरोसा दिलाया। मुलाकातों और बातचीत के बाद 100 वर्गगज के प्लॉट का सौदा 37.50 लाख रुपये में तय हुआ। पहले 9 लाख रुपये बयाने के रूप में लिए गए, फिर बाकी रकम भी वसूल ली गई।

फर्जी दस्तावेजों से दिया भरोसा

आरोपितों ने इकरारनामा, रसीद, पोजेशन लेटर, मुख्तारनामा और वसीयत जैसे दस्तावेज तैयार कराकर जमीन को पूरी तरह वैध बताया। इससे कारोबारी को यकीन हो गया कि सौदा सुरक्षित है।

निर्माण शुरू होते ही खुली पोल

करीब एक सप्ताह पहले जब सलीम कुरैशी प्लॉट पर चारदीवारी कराने पहुंचे, तो HSVP कर्मचारियों ने काम रुकवा दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह जमीन पहले ही विभाग द्वारा अधिग्रहित की जा चुकी है और यहां किसी भी तरह का निजी निर्माण नहीं किया जा सकता।

पैसे मांगने पर मिली धमकी

पीड़ित का आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद आरोपित लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी तक दे डाली।

सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर ओम प्रकाश, इस्लाम, रमेश कुमार, मदन मोहन, सुखबिंद्र सिंह, गौरव भाटिया और भोपाल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जमीन खरीदने वालों के लिए सबक

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किसी भी प्लॉट या जमीन को खरीदने से पहले उसकी सरकारी स्थिति, रिकॉर्ड और स्वामित्व की पूरी जांच करना कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही जीवनभर की कमाई को जोखिम में डाल सकती है।