फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित गांवों पहुंचे DM अंकुर लाठर, राहत कार्यों का लिया जायजा, कटान पीड़ितों को मदद के निर्देश

फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित गांवों पहुंचे DM अंकुर लाठर, राहत कार्यों का लिया जायजा, कटान पीड़ितों को मदद के निर्देश

फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश: जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तहसील सदर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव दिलीप की मड़ैया और धौली की मड़ैया का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बाढ़ के हालात देखे, ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और राहत कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान बच्चों को कुक्ड फूड भी वितरित किया गया।

ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं

डीएम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों से यह भी पूछा गया कि उन्हें प्रशासन की ओर से भोजन, पीने का पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी राहत सामग्री समय पर मिल रही है या नहीं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक टीमों को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने और जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया।

कटान से जमीन और घर प्रभावित, सहायता के निर्देश

निरीक्षण के दौरान गंगा नदी के तेज बहाव और कटान से प्रभावित परिवारों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिन ग्रामीणों की जमीन कटान से प्रभावित हुई है, उन्हें शासन के नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।

वहीं जिन परिवारों के आशियाने कटान के कारण प्रभावित होकर समाप्त हो गए हैं, उनकी सूची तैयार कर आवासीय पट्टे जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को दोबारा सुरक्षित स्थान पर बसाने में मदद करना है।

भोजन और पेयजल की व्यवस्था पर खास नजर

बाढ़ के दौरान सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक रोजमर्रा की जरूरी चीजें पहुंचाना होती है। इसे देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खाद्य सामग्री और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में भोजन वितरण की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से राहत सामग्री को जरूरत के मुताबिक वितरित करने और पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी तैयारी

बाढ़ का पानी कम होने के बाद जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी तैयारी की है।

हाल की राहत समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों को नियमित स्वास्थ्य जांच करने और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए थे। इनमें ORS, क्लोरीन, एंटी-फंगल दवाएं और एंटी-स्नेक वेनम जैसी जरूरी सामग्री उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया था। गांवों में साफ-सफाई और संक्रमण रोकने के लिए ब्लीचिंग पाउडर तथा कीटनाशकों के छिड़काव के निर्देश भी दिए गए हैं।

बच्चों और महिलाओं पर भी विशेष ध्यान

बाढ़ प्रभावित परिवारों में बच्चों और महिलाओं की जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने राहत शिविरों में उनकी सुविधाओं की समीक्षा की है। बच्चों के लिए भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों और आश्रय स्थलों पर शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पशुओं के लिए भी व्यवस्था

बाढ़ के दौरान केवल लोगों ही नहीं, बल्कि पशुधन की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती होती है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की स्वास्थ्य जांच, उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों के साथ उनके पशुओं की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।

फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर

फर्रुखाबाद में गंगा नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है। जिला प्रशासन के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी जिले के लिए बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी कार्ययोजना उपलब्ध है।

जिलाधिकारी पहले भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्यों की समीक्षा कर चुके हैं। एक हालिया निरीक्षण में उन्होंने नाव से प्रभावित गांव पहुंचकर राहत शिविर, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और पशुओं के लिए चारे जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी।

प्रशासन का संदेश- राहत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

डीएम अंकुर लाठर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित किसी भी पात्र परिवार को जरूरी सहायता से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है।

कटान से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और जिनके घर पूरी तरह प्रभावित हुए हैं, उनके लिए आवासीय पट्टे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन तत्काल राहत के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर भी ध्यान दे रहा है।

बड़ी बात

फर्रुखाबाद में बाढ़ के बीच DM डॉ. अंकुर लाठर ने दिलीप की मड़ैया और धौली की मड़ैया पहुंचकर जमीनी हालात देखे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और राहत सामग्री समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। कटान से जमीन गंवाने वाले परिवारों को नियमानुसार सहायता और जिनके आशियाने प्रभावित हुए हैं, उनके लिए आवासीय पट्टे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।